
Gen-Z आंदोलन में चर्चा में रहीं BJP नेताओं की बेटियां | फोटो सोर्स- Instagram
Gen-Z protest India: देश में पिछले एक महीने से चल रहा पेपर लीक का बड़ा मुद्दा आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ शांत हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे छात्रों का आंदोलन अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इस पूरे मामले ने राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। इस आंदोलन की सबसे अनोखी बात यह रही कि इसमें किसी विपक्षी पार्टी के नेता नहीं, बल्कि आम मिडिल क्लास परिवारों के 'Gen-Z' छात्रों ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार पर भारी दबाव बनाया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आंदोलन की गूंज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों (NDA) के बडे़ नेताओं के घरों तक भी पहुंच गई, जहां उनके अपने बच्चों ने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
इस आंदोलन का असर सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि असम में भी देखने को मिला। असम में बीजेपी सरकार में मंत्री और सहयोगी दल के नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता सीधे गुवाहाटी की सड़कों पर उतर आई। विदेश से पढ़ाई करके लौटी दिबिसा ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का खुलकर विरोध किया। सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने इंसाफ की मांग की और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए। दिबिसा ने कहा कि शांति से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ना बहुत दुखद था, और इन्हीं बहादुर छात्रों को देखकर उन्हें भी सड़क पर उतरने की हिम्मत मिली।
सोशल मीडिया की दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा ओडिशा से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी की हो रही है। अर्चिता ने अपने इंस्टाग्राम पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जश्न मनाते हुए एक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका परिवार भले ही धर्मेंद्र प्रधान के साथ हो, लेकिन वह खुद पूरी तरह छात्रों के साथ खड़ी हैं। अर्चिता ने यह भी लिखा कि मंत्री के पीए मेरी मां को मैसेज करके इस स्टोरी को डिलीट करने का दबाव न बनाएं क्योंकि वह इसे नहीं हटाएंगी। हालांकि, बाद में यह स्टोरी डिलीट हो गई, लेकिन तब तक इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो चुका था।
यूपी के फतेहपुर से दो बार के बीजेपी विधायक रहे विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं को आड़े हाथों लिया। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई करने वाली यशस्विनी ने छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन का विरोध किया और सरकार के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। उन्होंने अपने 'X' अकाउंट पर यहां तक लिख दिया कि अगर हम निश्चित रूप से कोई एक बात जानते हैं, तो वह यह है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बेहद बदले की भावना से काम करेंगे।
अपने ही बच्चों द्वारा सरकार का विरोध करने के बाद बीजेपी और एनडीए के नेता अब सफाई देते नजर आ रहे हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जब बच्चे बड़े और बालिग हो जाते हैं, तो उनके कामों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका अपना भाई या उनके अपने बच्चे भी कई बार उनकी बातों से सहमत नहीं होते। उन्होंने आगे कहा कि उस लड़की ने जो कहा वह गलत था, लेकिन इस बारे में उसी से बात की जाएगी, उसके पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है।
ऐसी ही सफाई बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने भी अपनी बेटी के पोस्ट पर दी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी आज के जमाने की युवा (Gen-Z) है और उसने अपने दोस्तों के प्रभाव में आकर अनजाने में यह पोस्ट शेयर कर दिया था। सांसद के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा तो उसे अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने तुरंत वह इंस्टाग्राम स्टोरी हटा दी।
दूसरी तरफ, यूपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह ने इस पूरे विवाद से दूरी बना ली और अपनी बेटी के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
Updated on:
27 Jul 2026 01:32 pm
Published on:
27 Jul 2026 01:18 pm
