
Strait of Malacca Vs Strait of Hormuz Way : अमेरिका और ईरान के बीच जंग के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का फ्री में निकलना मुश्किल हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके वैकल्पिक मार्ग की तलाश की जा रही थी। ऐसे में इंडोनेशिया और सिंगापुर का कहना है कि मलक्का जलडमरूमध्य 'सभी के लिए सुरक्षित, खुला और सुलभ' बना रहेगा, जबकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है। दरअसल चीन में ईरान के राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा, जबकि 'मित्र' देशों को विशेष सुविधा दी जाएगी। होर्मुज मार्ग से आम तौर पर दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का परिवहन होता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या हॉर्मुज के बजाय मलक्का स्ट्रेट जहाजों के लिए आसान रास्ता साबित होगा।
जकार्ता में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ बातचीत के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने कहा कि दोनों देशों की दिलचस्पी मलक्का को एक मुक्त मार्ग बनाए रखने में है। प्राबोवो ने कहा, 'हम मलेशिया और थाईलैंड के साथ तालमेल बनाए रखेंगे,जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए। वोंग ने कहा कि सिंगापुर और इंडोनेशिया समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के तहत नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है और वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और मुख्य रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा निर्यात मार्ग के रूप में काम करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य की लंबाई लगभग 890 से 900 किलोमीटर है और इसकी चौड़ाई में काफी अंतर है; यह अपने सबसे संकरे हिस्से में लगभग 65 किलोमीटर और सबसे चौड़े हिस्से में लगभग 250 किलोमीटर चौड़ा है। इसके उलट, होर्मुज जलडमरूमध्य बहुत छोटा है। इसकी कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर और चौड़ाई 50 से 95 किलोमीटर है। खास बात यह है कि इसमें सबसे संकरा चैनल है जिससे होकर जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं, जहां जहाजों के चलने लायक चौड़ाई घट कर केवल 33 किलोमीटर रह जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मुकाबले मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंचना आसान है, यह बेहतर है और इसमें बहुत आसानियां हैं। जहां अधिक ट्रैफिक की वजह से मलक्का जलडमरूमध्य में भीड़ रहती है, वहीं हॉर्मुज जलडमरूमध्य भू राजनीतिक नजरिये से एक बहुत ही अस्थिर और मुश्किल रास्ता है। सुरक्षा और भरोसे के मामले में मलक्का रूट को प्राथमिकता देना सही है और यह एक खुला, अंतरराष्ट्रीय और दोतरफा समुद्री रास्ता है। यह हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है, जो मध्य पूर्वी ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं और पूर्वी एशियाई बाजारों के बीच सबसे तेज मार्ग के रूप में कार्य करता है। समस्या यह है कि संकरे फिलिप्स चैनल में अत्यधिक भीड़भाड़ और स्थानीय दुर्घटनाएं, टक्कर, जहाजों का फंस जाना आम बात है। वहीं समुद्री डकैती एक समस्या बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी से आने-जाने का एकमात्र रास्ता है, इसलिए जहाज मलक्का जलडमरूमध्य को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करके इसे छोड़ नहीं सकते। हालांकि, खाड़ी से निकलने वाले जहाज अपनी यात्रा के अगले चरण में मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरते हैं। एक तर्क यह है कि मलक्का की ओर रास्ते बदलने या वहां किसी भी तरह की रुकावट आने की स्थिति पैदा हो सकती है। अब यह संबंधित देशों को तय करना है कि उनके लिए कौनसे स्ट्रेट से जहाज भेजना सही रहेगा।