
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सोमवार को ट्रंप की उस अपील को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने ई जीन कैरोल के साथ यौन दुर्व्यवहार मामले में 5 मिलियन डॉलर मुआवजा देने के फैसले को पलटने की कोशिश की थी।
बता दें कि जूरी ने ई जीन कैरोल के साथ यौन दुर्व्यवहार मामले में ट्रंप को दोषी ठहराया था। मामला साल 1996 के आसपास का है, जब ट्रंप पर बर्गडॉर्फ गुडमैन स्टोर के ड्रेसिंग रूम में ई जीन कैरोल के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था।
जब कैरोल ने ट्रंप पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, उस समय वह एक मैगजीन की लेखिका थीं, 2019 में अपनी किताब के जरिए यह बात सामने आई। हालांकि, ट्रंप ने इसे पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि जिस कैरोल ने यह आरोप लगाया है, वह कभी उनकी पसंद नहीं रहीं।
ट्रंप ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। 2022 में ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट में कैरोल को 'झूठी' बताने के बाद मामला अदालत पहुंचा। न्यूयॉर्क की जूरी ने 2023 में फैसला सुनाया कि ट्रंप ने कैरोल के साथ यौन दुर्व्यवहार किया और उन्हें बदनाम भी किया।
हालांकि जूरी ने बलात्कार का आरोप साबित नहीं माना। कोर्ट ने उन्हें 5 मिलियन डॉलर मुआवजे का आदेश दिया। इसके बाद, ट्रंप के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि ट्रायल जज ने पुरानी और बिना साबित आरोपों के गवाहों को जूरी के सामने आने दिया, जो गलत था।
उन्होंने कैरोल पर 20 साल इंतजार करने और राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया। लेकिन दूसरी तरफ, सेकंड सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने 2024 में इस फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने ट्रंप के पुराने बयानों और एक्सेस हॉलीवुड टेप को भी पैटर्न का हिस्सा माना।
इसके अलावा एक और केस में ट्रंप पर 2019 के बयानों के लिए 83।3 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगा है। वह अपील भी अभी लंबित है। उधर, अब ट्रंप के जस्टिस डिपार्टमेंट ने कैरोल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
मई में खुलासा हुआ कि कैरोल पर दोनों केसों में झूठी गवाही देने का शक है। यह कदम ट्रंप के कई विरोधियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा बताया जा रहा है।