थाईलैंड में सियासी उथल पुथल जारी है। सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट (70) को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वह एक दिन के लिए देश के प्रधानमंत्री नियुक्त किया गए हैं।
थाईलैंड (Thailand) में सियासी उथल-पुथल जारी है। बुधवार को सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट (Suriya Jungrungrengkit) को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। सूर्या (70) महज 24 घंटे के लिए थाईलैंड के पीएम रहेंगे। उन्होंने निलंबित पीएम पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा (Payitongtarn Shinawatra) की जगह ली है। शिनावात्रा को संवैधानिक अदालत के आदेश के बाद पद से हटाया गया था।
सूर्या को थाईलैंड की राजनीति का मौसम वैज्ञानिक कहा जाता है। वह सियासी हवा को भांप कर गठबंधन बदलते रहते हैं। वह हमेशा सत्ताधारी पार्टी के साथ सरकार में रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आज थाईलैंड में मंत्रिमंडल में फेरबदल भी हो सकता है।
बताया जाता है कि गृह मंत्री फुमथम वेचायाचाई देश के अलगे उप प्रधानमंत्री हो सकते हैं। उनके कार्यभार बदलने के साथ ही सूर्या का कार्यवाहक पीएम के रूप में कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
पाइतोंग्तार्न का कंबोडिया के नेता के साथ बातचीत का वीडियो लीक हो गया था। शिनावात्रा ने बातचीत के क्रम में कंबोडियाई नेता हुन सेन को चाचा कहा। साथ ही, थाईलैंड की सेना प्रमुख को अपना विरोधी बताया। दरअसल, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद है। विपक्षी पार्टी ने इस बातचीत को मुद्दा बना लिया। शिनावात्रा पर कंबोडिया के सामने झुकने और थाइलैंड की सेना को कमजोर करने के आरोप लगे। मामले पर संवैधानिक कोर्ट ने कहा कि शिनावात्रा ने पद की नैतिकता का उल्लंघन किया है। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।
2 दशक से शिनावात्रा परिवार की थाईलैंड की राजनीति में गहरी पैठ रही है। शिनावात्रा परिवार का राजनीति उदय 2001 में शुरु हआ। थाकसिन शिनवात्रा ने भारी जनसमर्थन से पीएम पदभार संभाला। 2006 में थाई सेना ने उनकी सरकार का तख्तापलट कर दिया। वह कंबोडिया और दुबई में रहकर राजनीति पर दूर से पकड़ बनाए रखी। थाकसिन की बहन यिंगलक शिनवात्रा ने 2011 में चुनाव जीता। वह देश की पहली महिला PM बनीं। उन्हें भी संवैधानिक अदालत ने सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में मई 2014 में पद से हटा दिया। 2023 में थाकसिन की बेटी पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा ने फेउ थाई पार्टी की अगुवाई में सत्ता में वापसी की कोशिश शुरू की। अगस्त 2024 में पाइतोंग्तार्न ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें भी दस महीने के बाद पद से हटा दिया।