FLiRT, वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर वेरिएंट साझा किए जाने वाले उत्परिवर्तन की जगहों का एक छोटा नाम है। अमेरिका की यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक उनमें से एक, जिसे KP.2 कहा जाता है, उसकी वजह से सबसे ज्यादा कोरोना के केस बढ़े हैं।
कोरोना (COVID-19) फिर से अपना खतरनाक रूप दिखाने को तैयार हो रहा है। बीते दिनों कोरोना के नए वैरिएंट FLiRT के तेजी से फैलने की खबरें आई थीं। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी इस पर संज्ञान लिया है और इस पर अपनी रिपोर्ट पेश की है। WHO के मुताबिक SARS-CoV-2 कोरोना वायरस के नए FLiRT वेरिएंट, जो कोरोना संक्रमण को तेजी से फैलाते हैं, इस साल वो दुनिया भर में तेजी से फैलने वाले कोरोना के मामलों का एक प्रमुख कारण हैं। इस नए वैरिएंट को FLiRT नाम दिया गया है।
FLiRT, वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर वेरिएंट साझा किए जाने वाले उत्परिवर्तन की जगहों का एक छोटा नाम है। अमेरिका की यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक उनमें से एक, जिसे KP.2 कहा जाता है, उसकी वजह से अमेरिका में सबसे ज्यादा कोरोना (COVID-19) के केस बढ़े हैं।
करोना को ये वायरस अपने मूल वैरिएंट वुहान से शुरू हुआ और फिर डेल्टा, ओमीक्रॉन और बीच में कई और वैरिएंट के साथ बदल कर अपनी ताकत बढ़ाता रहा। अब ये FLiRT अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, समेत कई देशों में तेजी से फैल रहा है।
कोविड-19 (COVID-19) का एक वैरिएंट जो बीते साल आया था ये उसी का उत्परिवर्तन है यानी ये उसी का म्यूटेशन है। इसके लक्षण कोरोना से अलग नहीं है। जैसे शरीर में दर्द, बुखार और कुछ मामलों में पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। इसलिए इन मालमलों में ये तय करना मुश्किल होता है कि मरीज किस वैरिएंट से संक्रमित है पुराने वैरिएंट से या फिर नए वैरिएंट FLiRT से। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका पता करने के लिए विशेष जीनोम टेस्टिंग करानी होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए वैरिएंट के लक्षण में गले में खराश, खांसी, थकान, नाक बंद होना, नाक बहना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, बुखार और स्वाद या गंध का पता ना चलना शामिल है।
कोरोना के इस नए वैरिएंट से अपने आपको बचाने के लिए सबसे पहले आपको उन्हीं बातों का ध्यान रखना होगा जो कोरोना की पहली लहर मेें सरकार की तरफ से बताई गई थी। यानी मास्क का प्रयोग और दो गज की दूरी। अगर आपको खांसी या छींक आ रही है तो आप मास्क या रूमाल का प्रयोग करें। और अगर आपके साथ या आस-पास मौजूद लोगों को खांसी या छींक आ रही है तो आप उनसे दूरी बनाकर चलें और अपने मुंह और नाक को ढक कर चलें। इसके अलावा आप इन्फ्लूएंजा टीकाकरण या फ्लू शॉट भी ले सकते हैं। 45 साल से ज्यादा लोगों को और और बच्चों को भी फ्लू शॉट दिए जा सकते हैं। इन बातों का ध्यान रखते हुए आप इस नए वैरिएंट की चपेट में आने से बच सकते हैं।