विदेश

14 साल बाद 850,000 सीरियाई शरणार्थियों की घर वापसी क्यों हो रही है ? जानिए यूएन की बड़ी अपील

Syrian Refugee Return: 14 साल की तबाही के बाद अब 8.5 लाख सीरियाई शरणार्थी अपने वतन लौट रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है।

2 min read
Sep 03, 2025
लेबनान से बरसों बाद सीरिया लौट रहे शरणार्थी। (फोटो: IANS.)

Syrian Refugee Return: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, दिसंबर 2024 से अब तक करीब 8.5 लाख सीरियाई शरणार्थी (Syrian Refugee Return) अपने देश वापस लौट चुके हैं। ये सभी लोग पहले पड़ोसी देशों जैसे लेबनान, तुर्की और जॉर्डन में शरण लिए हुए थे। यह जानकारी UNHCR (UNHCR Syria 2025) की उप प्रमुख केली क्लेमेंट्स ने सीरिया और लेबनान के दौरे के बाद दी। यूएन की मानें तो अब शरणार्थियों की वापसी स्वैच्छिक (Refugee Crisis 2025), सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। घर लौटने वालों (Lebanon Syria Border) को आर्थिक सहायता, यात्रा सुविधा, रहने का ठिकाना और रोजगार के साधन भी दिए जा रहे हैं ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी शुरू कर सकें।

क्या अब सीरिया सुरक्षित हो गया है ?

हालांकि कुछ हिस्सों में शांति लौट रही है, लेकिन सीरिया पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता। अभी भी देश के कई हिस्सों में छिटपुट हिंसा जारी है। क्लेमेंट्स ने बताया कि उनकी यात्रा के दौरान उन्होंने ऐसे परिवारों से मुलाकात की जो 14 साल के संघर्ष के बाद फिर से घर बसा रहे हैं। यह दिखाता है कि लोग अब खुद पर भरोसा कर फिर से नई शुरुआत करना चाहते हैं।

लेबनान से क्यों लौट रहे हैं इतने लोग ?

लेबनान में अब भी लाखों सीरियाई शरणार्थी रह रहे हैं। लेकिन इस साल करीब 2 लाख लोग वहां से अपने देश लौट चुके हैं। आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और शरणार्थियों के लिए सीमित संसाधनों की वजह से अब लोग वापसी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

फिर भी कुछ लोग आ भी रहे हैं सीरिया से बाहर! क्यों ?

एक ओर जहां लाखों लोग सीरिया लौट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नए लोग ताजा हिंसा और डर की वजह से अभी भी लेबनान और अन्य देशों का रुख कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि शरणार्थी संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसमें लगातार बदलाव हो रहे हैं।

क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय सिर्फ देखता रहेगा ?

केली क्लेमेंट्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब समय आ गया है जब दुनिया सिर्फ तमाशबीन नहीं बनी रहे, बल्कि सीरिया की स्थिरता और पुनर्निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि जब लोग इतने सालों बाद अपने देश लौटने का साहस कर रहे हैं, तो उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

लेबनान की भूमिका और समर्थन की सराहना

क्लेमेंट्स ने लेबनान के प्रधानमंत्री नवाब सलाम और अन्य मंत्रियों से मुलाकात की और सीरियाई शरणार्थियों की मेजबानी करने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने वादा किया कि संयुक्त राष्ट्र ऐसे लोगों की मदद करेगा जो स्वेच्छा से घर लौटना चाहते हैं।

17 लाख आंतरिक शरणार्थी भी लौटे

बहरहाल सिर्फ विदेशों से लौटने वाले नहीं, बल्कि सीरिया के भीतर ही विस्थापित हुए 17 लाख से ज्यादा लोग भी अब धीरे-धीरे अपने पुराने इलाकों में वापस पहुंच रहे हैं।

Also Read
View All

अगली खबर