
पाकिस्तान के उत्तरपश्चिम में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। 15 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश के बाद उत्तरपश्चिम प्रांतों खैबर पख्तूनख्वा, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके में बाढ़ आ गई। बाढ़ की वजह से कई जगह लैंडस्लाइड भी हो गया। मानसून की इस मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई बाढ़ की वजह से खैबर पख्तूनख्वा, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके में काफी नुकसान हुआ है। इस वजह से सबसे ज़्यादा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत प्रभावित हुआ है, जहाँ तबाही मच गई है।
पाकिस्तान के उत्तरपश्चिम में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 300 पार हो गया है। पाकिस्तान की सरकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार अब तक 337 लोगों की मौत हो चुकी है और मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मूसलाधार बारिश और बाढ़ की वजह से सबसे ज़्यादा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत प्रभावित हुआ है। अकेले बुनेर जिले में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई। बुनेर में बादल भी फट गया और जगह-जगह लैंडस्लाइड के मामले भी सामने आए। इससे कई गांवों में तबाही मच गई, कई घर नष्ट हो गए, सड़कें टूट गई, वाहन बह गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के समन्वयक इख्तियार वली खान ने एक हैरान करने वाली बात बताई है। खान के अनुसार मूसलाधार बारिश और बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 1,000 से ज़्यादा भी पहुंच सकती है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन बारिश और बाढ़ के कारण इसमें परेशानी हो रही है। अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है।
खैबर पख्तूनख्वा में अभी भी कई जगह मूसलाधार बारिश और बाढ़ की वजह से हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में लोगों को खतरे वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अभी भी यह काम जारी है।