
Press Credentials Revoked: एक अमेरिकी फेडरल जज के व्हाइट हाउस में प्रेस की एंट्री बहाल करने के आदेश के कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'फेक न्यूज़' करार दिए गए CNN, MS NOW और Politico के पत्रकार व्हाइट हाउस लौट आए। रोके गए मीडिया आउटलेट्स के पत्रकारों की वापसी पर वहां मौजूद पत्रकारों की भीड़ उनके इर्द-गिर्द जमा हो गई। CNN की रिपोर्टर बेट्सी क्लेन दोबारा एंट्री मिलने के बाद अपने पहले ऑन-कैमरा ब्रॉडकास्ट की तैयारी कर रही थीं, तभी लोग उन्हें घेरकर तस्वीरें और वीडियो लेने लगे।
CNN के अनुसार, क्लेन गुरुवार को व्हाइट हाउस परिसर में दोबारा दाखिल हुईं, जबकि उसी सुबह उन्हें और एक फोटो जर्नलिस्ट को गेट पर ही रोक दिया गया था। बाद में Politico के पत्रकारों को भी एंट्री मिल गई, जिससे तीनों टारगेटेड न्यूज ऑर्गनाइज़ेशन कैंपस के अंदर वापस आ गए। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप द्वारा नियुक्त डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली ने यह आदेश तीनों मीडिया संस्थानों द्वारा दायर मुकदमे में दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध संभवतः असंवैधानिक था।
वीकेंड पर तीनों संस्थानों के पत्रकारों को एंट्री देने से मना कर उनके प्रेस बैज जब्त या निष्क्रिय कर दिए गए थे। CNN को व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल से भी हटा दिया गया था। ट्रंप ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि इन आउटलेट्स को बार-बार "झूठी रिपोर्ट" प्रकाशित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
न्याय विभाग (DOJ) के वकील माइकल वेलचिक ने तर्क दिया कि व्हाइट हाउस में प्रवेश एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं, और राष्ट्रपति जिसे चाहें ओवल ऑफिस से बाहर रख सकते हैं। प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, जिसे बोट्रस ने "जादुई शब्द" बताते हुए खारिज किया।
बुधवार की सुनवाई में जज केली ने कहा कि यहां सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मीडिया संस्थानों के वकील थियोडोर बोट्रस ने इसे "विचारों के आधार पर भेदभाव" बताया और कहा, "हम युद्ध की स्थिति में हैं, दुनिया भर के नेता वॉशिंगटन आ रहे हैं।"