Trump India Pakistan ceasefire claim: अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप का ‘क्रेडिट शो’ फेल हो गया है। भारत ने सीजफायर को सेना की स्ट्रैटेजिक जीत बताया और कहा कि यह विदेशी कॉल का असर नहीं है।
Trump India Pakistan ceasefire claim: भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष ( India Pakistan tensions) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। क्यों कि डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर ‘क्रेडिट शो’ फेल हो गया है। उन्होंने भारत पाक के बीच संघर्ष विराम कराने का दुबारा राग अलापा है। उन्होंने दावा किया है कि "उनके व्यक्तिगत दखल" (Trump ceasefire claim) से दोनों देशों के बीच टकराव टल गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक वरिष्ठ सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी इस फोन कॉल (Trump Putin call India) करने की पुष्टि की है, लेकिन टाइमिंग और डिटेल्स को लेकर क्रेमलिन ने चुप्पी साध रखी है।
भारत ने यह दावा खारिज करते हुए कहा है कि संघर्ष विराम की पहल पूरी तरह से सैन्य चैनलों के जरिये हुई है। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि 7 मई को पहलगाम हमले के बाद शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बीच दोनों देशों के DGMO ने प्रत्यक्ष संवाद कर हालात नियंत्रित किए। वहीं विदेशी दावा "हकीकत से परे और राजनीतिक एजेंडा" जैसा है।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया, “भारतीय सेना मैदान में लड़ी है, और वही युद्धविराम की असली बुनियाद है। ये कोई कॉल-डिप्लोमेसी से नहीं हुआ।” पूर्व राजनयिक विवेक काटजू ने कहा, "अमेरिकी राजनीति में ट्रंप को फिर से प्रासंगिक दिखना है, इसलिए भारत-पाक तनाव का क्रेडिट लेना उनका पुराना तरीका है।"
क्या ट्रंप 2024 अमेरिकी चुनाव को लेकर इंटरनेशनल स्पेस में एक्टिव हो रहे हैं?
रूस की भूमिका कितनी वास्तविक है, या यह सिर्फ एक बैक चैनल संतुलन साधना है?
भारत ने अब तक किसी तटस्थ मध्यस्थ की जरूरत क्यों नहीं मानी ?
बहरहाल अमेरिका और रूस दोनों ही भारत-पाक तनाव में ‘बिचौलिए’ के रोल की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत की सैन्य और कूटनीतिक स्थिति अब पहले से कहीं मजबूत है। यह घटना बताती है कि वैश्विक स्तर पर भारत अब खुद को ‘मैनेज करने वाला राष्ट्र’ साबित कर रहा है, जो पश्चिम की मध्यस्थता पर निर्भर नहीं।