ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने मैक्रों से कहा था कि फ्रांस में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें बढ़ाई जाएं, क्योंकि...
US France Relation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को लेकर बड़ा दावा किया है। रिपब्लिकन सांसदों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर फ्रांस को दवाओं की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दशकों से पूरी दुनिया की हेल्थकेयर को सब्सिडी देता आ रहा है। उन्होंने अपनी ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (Most Favoured Nation) नीति का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसी नीति के तहत उन्होंने कई देशों को बेहद कम समय में झुकने पर मजबूर कर दिया।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने मैक्रों से कहा था कि फ्रांस में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें बढ़ाई जाएं, क्योंकि अमेरिकी उपभोक्ता फ्रांसीसी नागरिकों की तुलना में दवाओं के लिए 14 गुना ज्यादा भुगतान कर रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि शुरुआत में मैक्रों ने इस मांग को ठुकरा दिया।
इसके बाद ट्रंप ने फ्रांस से आने वाले सभी उत्पादों – खासतौर पर शैंपेन और वाइन – पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा कि इसी धमकी के बाद मैक्रों ने उनसे “डील” की गुहार लगाई।
ट्रंप ने मैक्रों की नकल उतारते हुए कहा, “डोनाल्ड, आपके पास डील है। मैं दवाओं की कीमतें 200 फीसदी या जितनी आप चाहें उतनी बढ़ाने को तैयार हूं। बस प्लीज जनता को मत बताइए।”
ट्रंप ने दावा किया कि अगर फ्रांस पर टैरिफ लगाए जाते, तो उसका असर दवाओं की कीमत बढ़ाने से 42 गुना ज्यादा महंगा पड़ता। उनके अनुसार, फ्रांस ने दवाओं की कीमतें 10 डॉलर प्रति गोली से बढ़ाकर 30 डॉलर कर दीं, जबकि अमेरिका में दवाओं के दाम घट गए।
ट्रंप के इस बयान पर अब तक न तो राष्ट्रपति मैक्रों और न ही फ्रांसीसी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि टैरिफ की धमकी मिलते ही दुनिया के सभी देशों ने महज कुछ मिनट के अंदर दवाओं की कीमतें चार गुना बढ़ाने पर सहमति जता दी। ट्रंप ने कहा, “हम अपने दवाओं के दाम चार गुना बढ़ाने को सम्मान की बात समझेंगे, अगर आपको यही पसंद है।”