
Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ टकराव खत्म करने वाला समझौता 'खत्म' होने का बयान सामने आते ही मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका फिर से पैदा हो गई है। ट्रंप के बयान के बाद बुधवार को तेल की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है जो बीते दो सप्ताह के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची है।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में $3.82 या 5.15% की बढ़त हुई और यह 0832 GMT पर $77.98 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $3.70 या 5.25% बढ़कर $74.14 प्रति बैरल हो गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि तेहरान के साथ हुआ समझौता खत्म हो चुका है, लेकिन बातचीत करने वाले चाहे तो बातचीत जारी रख सकते हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब अमेरिका और ईरान ने मध्य पूर्व में एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे चल रही बातचीत पर संदेह पैदा हो गया। तुर्की में NATO समिट के दौरान उनके इस बयान के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। यह कार्रवाई तब हुई जब अमेरिका ने हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमलों के बाद ईरानी तेल की बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, तेल की कीमतें गिरकर युद्ध से पहले के स्तर पर आ गईं थी। ट्रेडर्स ने तेल फ्यूचर्स में बड़ी संख्या में 'शॉर्ट पोजीशन' बना लीं, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि कीमतें और गिरेंगी। कीमतों में गिरावट की वजह यह उम्मीद थी कि मध्य पूर्व से लंबे समय से रुकी हुई सप्लाई बाजार में आएगी।
ईरान ने जहाजों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन कतर ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। इन हमलों में कतर का एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर भी शामिल था, जिस पर ड्रोन से हमला हुआ और उसके इंजन रूम में आग लग गई। इन हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
अंकारा में, NATO के महासचिव ने कहा कि ट्रंप के लिए यूरोप और कनाडा का रक्षा खर्च बढ़ाना एक मुख्य मुद्दा है। वहीं, डेनमार्क के नेता ने फिर दोहराया कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है, जबकि ट्रंप ने फिर कहा था कि द्वीप पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए।