
Trump Supreme Court Criticism: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ और जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े फैसलों को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की है। उन्होंने कोर्ट पर ऐसे फैसले लेने का आरोप लगाया है, जिनसे अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और नागरिकता देने का तरीका बदल गया है।
'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि दुर्भाग्य से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 'अमेरिका को फिर से महान बनाने' (MAKE AMERICA GREAT AGAIN) का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों में टैरिफ और जन्मसिद्ध नागरिकता पर अपने गलत, राजनीतिक और बेतुके फैसलों से कोर्ट ने अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाया है और देश के नागरिक बनने के तरीके को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के इतिहास का दुखद अध्याय बताते हुए कहा, "लेकिन हम जीतेंगे!"
ट्रंप की ये टिप्पणियां उनके प्रशासन के नीतिगत एजेंडे के अहम हिस्सों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाइयों के बीच आई हैं। व्यापार और आव्रजन (इमिग्रेशन) सहित कई प्रमुख नीतिगत पहलों पर प्रशासन को न्यायिक जांच का सामना करना पड़ रहा है।
फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ से जुड़े ज्यादातर बड़े फैसलों को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) राष्ट्रपति को बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं देता। यह विवाद ट्रंप द्वारा कई अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों से होने वाले आयात पर शुल्क लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल पर केंद्रित था।
फैसले के बाद उन आयातकों के लिए बड़े पैमाने पर रिफंड की प्रक्रिया शुरू हुई, जिन्होंने विवादित टैरिफ का भुगतान किया था। अमेरिकी कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन की कोर्ट फाइलिंग के अनुसार, 31 जुलाई तक लगभग 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रिफंड पूरा हो चुका था और उसे बांटने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी को भेजा जा चुका था।
कुल मिलाकर लगभग 128.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संभावित और प्रमाणित रिफंड को प्रोसेसिंग के लिए स्वीकार किया गया था। इस फैसले ने सरकार के लिए वित्तीय और प्रशासनिक मुश्किलें भी खड़ी की हैं, क्योंकि कस्टम्स अधिकारी प्रभावित आयातकों के लिए रिफंड की गणना और प्रोसेसिंग की नई प्रणाली विकसित कर रहे हैं।
ट्रंप को जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने की कोशिश को लेकर भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। प्रशासन का तर्क है कि 14वें संशोधन की मौजूदा व्याख्याएं कुछ खास परिस्थितियों में नागरिकता पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देती हैं, जबकि विरोधियों ने इस नीति को कोर्ट में चुनौती दी है। ट्रंप ने अपनी व्यापक टैरिफ रणनीति का बचाव करना जारी रखा है। उनका तर्क है कि इन उपायों का मकसद अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और व्यापार असंतुलन को दूर करना है।