
Donald Trump Endorses Netanyahu: इजरायल में मंगलवार को होने वाले संसदीय चुनाव से महज एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में फिर से जोरदार अपील की है। ट्रंप ने उन्हें ‘उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री’ बताते हुए मतदाताओं से सीधे आग्रह किया कि वे बिबी को ही चुनें ताकि दोनों नेताओं का शुरू किया गया काम अधूरा न रह जाए। यह समर्थन तब आया है जब नेतन्याहू अपनी राजनीतिक जंग लड़ रहे हैं और पोल में उनकी गठबंधन सरकार को बहुमत मिलने में दिक्कत दिख रही है। ट्रंप के इस बयान ने पूरे मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “जब आप मतदान के लिए जाएं तो याद रखें कि बिबी एक उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री रहे हैं। बिबी नेतन्याहू को प्रधानमंत्री चुनें, हमें शुरू किया काम पूरा करना है।” उन्होंने एक हफ्ते पहले दिए गए समर्थन को दोहराते हुए कहा कि बिबी और उनका रिश्ता जीत का रहा है। ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का जिक्र किया, जिसमें ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका गया। इसके बाद ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो गई, सैन्य और आर्थिक हालत बिगड़ गई। उन्होंने दावा किया कि ईरान में महंगाई 301 फीसदी तक पहुंच गई है और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से तेल निर्यात ठप हो गया।
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने पिछले तीन दिनों में ट्रंप से दो बार बात की और और सार्वजनिक समर्थन मांगा। उन्होंने ट्रंप से इजरायली पत्रकारों से भी बात करने का सुझाव दिया था। ट्रंप का यह दूसरा समर्थन एक हफ्ते के अंदर आया है। इससे पहले भी उन्होंने बिबी को ‘ग्रेट वॉरियर प्राइम मिनिस्टर’ कहकर पूरा समर्थन दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर कोई और नेता आया तो अमेरिका को अकेले ईरान से निपटना पड़ेगा, जो वे नहीं चाहते।
इजरायल में 27 अक्टूबर को 26वीं कनेसेट के चुनाव हो रहे हैं। यह 1988 के बाद पहली बार है जब चुनाव निर्धारित समय पर हो रहे हैं। नेतन्याहू लिंकुड पार्टी के साथ लंबे समय से सत्ता में हैं। उनके मुख्य चुनौतीकर्ता पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट हैं, जिनकी याशर पार्टी पोल में आगे दिख रही है। हालिया सर्वे में नेतन्याहू का गठबंधन 48 से 51 सीटों पर अटका है, जबकि बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए। ट्रंप का समर्थन कुछ विश्लेषकों के मुताबिक एक-दो सीटें बढ़ा सकता है, लेकिन ईरान युद्ध को लेकर जनता में कुछ असंतोष भी है।
दोनों नेताओं ने फरवरी में ईरान पर संयुक्त अभियान शुरू किया था जो अब सात-आठ महीने से चल रहा है। ट्रंप का मानना है कि बिबी के साथ ही ‘डेथ टू अमेरिका, डेथ टू इजरायल’ वाले नारे हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं। नेतन्याहू ने ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि साथ मिलकर मिशन पूरा करेंगे।