Turkey President Erdogan in Pakistan: एर्दोगन के दौरे पर पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति के दौरे से दोनों देशों के बीच भाईचारा और सभी तरह के संबंध और ज्यादा गहरे और मजबूत होंगे।
Turkey President Erdogan in Pakistan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं। गुरुवार शाम को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप औऱ PM मोदी की द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। इधर ट्रंप और PM मोदी की मीटिंग हो रही होगी और उधर पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif), तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन से मीटिंग कर रहे होंगे। जी हां खुद को खलीफा बताने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan) बीते बुधवार को पाकिस्तान पहुंच गए हैं। यहां वे दो दिन की यात्रा पर है।
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था (Pakistan Economy) को रफ्तार देने के लिए, इस पर योजनाएं बनाने के लिए तुर्की पाकिस्तान की बहुत मदद कर रहा है। इसे ही आगे बढ़ाने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पाकिस्तान के दौरे पर गए हैं। उनके दौरे पर पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति के दौरे से दोनों देशों के बीच भाईचारा और सभी तरह के संबंध और ज्यादा गहरे और मजबूत होंगे।
तुर्की के राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी और प्रथम महिला एमीन एर्दोगन भी आई हैं। इसके अलावा एक प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान आया है। जिसमें विदेश मंत्री हकन फिदान, रक्षा मंत्री यासर गुलेर और संचार निदेशक फहरेतिन अल्तुन शामिल हैं। गुरुवार को एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan), पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सामरिक सहयोग परिषद यानी HLSCC की 7वीं बैठक में हिस्सा लेंगे।
बता दें कि HLSCC एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो तुर्की और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए रणनीतियां बनाता है। ये मंच पाकिस्तान के इसलिए अहम है क्योंकि इसके अंतर्गत कई संयुक्त स्थायी समितियां आती हैं, जो व्यापार, निवेश, बैंकिंग, वित्त, संस्कृति, पर्यटन, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, परिवहन, संचार, IT, स्वास्थ्य, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे वाले क्षेत्रों को कवर करती हैं।
सिर्फ इतना ही पाकिस्तान की मीडिया के मुताबिक दोनों देशों के बीच गाज़ा की स्थिति को लेकर भी बातचीत हो सकती है। तुर्की गाज़ा में अमेरिकी और इजरायल की मौजूदगी के खिलाफ है, पाकिस्तान भी फिलिस्तीनियों के पक्ष में है। ऐसे में अब दोनों देश गाज़ा को लेकर क्या योजना बनाते हैं ये भी देखने वाली बात होगी।