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ईरान को UAE का खुलमखुल्ला चेतावनी, कहा- ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को बंधक नहीं बनाया जा सकता, नहीं खोला तो भयावह परिणाम होंगे’

UAE Warning: ट्रंप की चेतावनी के बाद UAE ने भी ईरान को चेतावनी दी है। UAE के अधिकारी अनवर गर्गश ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

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Apr 06, 2026
अमेरिका-ईरान युद्ध: ‘होर्मुज स्ट्रेट’ विवाद (सोर्स: ‘The Hormuz Letter’ एक्स यूजर स्क्रीनशॉट)

Middle East Tension: एक तरफ प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान को ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को लेकर चेतावनी दे चुके हैं, उनका कहना है कि ईरान के पास अब भी समय है, वह सभी के लिए ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को खोल दे, इसके लिए उन्होंने ईरान को कल (मंगलवार) तक का समय दिया है। और यदि ईरान ऐसा नहीं करता है, तो भयानक तबाही का वह खुद जिम्मेदार होगा।

इस बीच ट्रंप की चेतावनी के बाद UAE ने भी ईरान को चेतावनी दी है। UAE के अधिकारी अनवर गर्गश ने कहा कि होर्मुज को हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे जल्द खोल देना चाहिए। इसमें ही सभी देशों की भलाई है। उन्होंने आगे क्या कहा… चलिए जानते हैं।

UAE ने ईरान को दी चेतावनी

दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच UAE ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। UAE के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गश ने साफ कहा कि होर्मुज को किसी भी हालत में हथियार या दबाव के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह कोई क्षेत्रीय सौदेबाजी का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की जरूरत है।

गर्गश ने याद दिलाया कि होर्मुज दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा सप्लाई का रास्ता है। इसलिए, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते में इस मार्ग से सुरक्षित आवाजाही की गारंटी जरूर होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके मिसाइल–ड्रोन हमलों पर रोक का इंतजाम नहीं हुआ, तो पूरा मध्य-पूर्व और ज्यादा खतरनाक हो जाएगा। आगे बहुत भयावह परिणाम देखने को मिलेंगे। UAE इसके लिए तैयार है… वह यूएस के साथ है।

उन्होंने साफ कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य को कोई भी देश बंधक नहीं बना सकता। यह मार्ग खुला रखना हर समाधान का जरूरी हिस्सा है।”

UAE ने यह भी संकेत दिया कि वह होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए US की अगुवाई वाले किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने को तैयार है। हाल के हमलों में ईरान ने US ठिकानों को निशाना बनाया था, जिनमें UAE में मौजूद ठिकाने भी शामिल थे।

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