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Russia Ukraine war: सिटीबैंक लंदन ने कैसे कर दी रूस की मदद? प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर ब्रिटेन ने ठोका 60 करोड़ का जुर्माना

Russia Sanctions Ruling: ब्रिटेन ने रूस पर लगाए गए प्रतिबंध नियमों के उल्लंघन के मामले में अमेरिकी सिटीबैंक की लंदन शाखा पर 4.7 मिलियन पाउंड यानी करीब 60.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
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Sep 02, 2026
Andy Burnham
ब्रिटेन ने अमेरिकी बैंक पर जुर्माना लगाया। (फोटो- ANI/ X Post-@andyburnham)

Russia Sanctions: रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण ब्रिटेन की सरकार ने एक अमेरिकी बैंक पर जुर्माना लगाया है। अमेरिकी बैंकिंग दिग्गज सिटीबैंक (Citibank) की लंदन शाखा (CBNA London) पर भारी कार्रवाई करते हुए 4.7 मिलियन पाउंड यानी करीब 60.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ब्रिटेन के ऑफिस ऑफ फाइनेंशियल सेंक्शंस इम्प्लीमेंटेशन (OFSI) के अनुसार, बैंक ने रूस पर लगे प्रतिबंध नियमों का उल्लंघन किया। उनके मुताबिक बैंक ने धनराशि उन लोगों या संस्थाओं तक पहुंचाई जो सरकार की प्रतिबंध सूची में शामिल थे।

फरवरी से नवंबर 2022 के बीच हुईं सबसे ज्यादा गड़बड़ियां

ब्रिटेन के OFSI ने बताया कि प्रतिबंधों के उल्लंघन की सबसे ज्यादा घटनाएं फरवरी 2022 से लेकर नवंबर 2022 तक हुई थी। साथ ही नियामक ने यह भी जानकारी दी कि सिटीबैंक की इस शाखा ने खुद आगे आकर इनमें से अधिकांश गड़बड़ियों का खुलासा उनके सामने किया था।

युद्ध शुरू होने के बाद सख्त किए गए थे नियम

फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस से जुड़े हजारों व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। मुख्य रूप से संपत्ति को फ्रीज करना, नामित व्यक्तियों या संस्थाओं को को फंड उपलब्ध कराने से रोकना, प्रमुख रूसी बैंको जैसे कि स्बेरबैंक (Sberbank) को SWIFT सिस्टम से बाहर करना, रूसी सेंट्रल बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज करना, ऊर्जा, रक्षा, एयरोस्पेस, प्रौद्योगिकी और लक्जरी सामानों के निर्यात-आयात पर रोक लगाना जैसे प्रतिबंध शामिल है। OFSI के मुताबिक, शुरुआती दौर में एक साथ इतने सारे प्रतिबंध लागू होने की वजह से बैंक की जांच प्रणालियों पर अचानक बहुत ज्यादा दबाव आ गया था।

जांच प्रणाली में पाई गईं गंभीर कमियां

OFSI ने अपने आधिकारिक बयान में यह बात स्पष्ट की है कि सिटीबैंक का इरादा जानबूझकर नियमों को तोड़ने का नहीं था। हालांकि, बैंक के अलग-अलग विभागों, प्रणालियों में हुई ये गलतियां कुल मिलाकर काफी बड़ी और गंभीर पाई गई। इसी लापरवाही के कारण बैंक पर यह बड़ी वित्तीय पेनल्टी लगाई गई है।

Updated on:
02 Sept 2026 04:57 pm
Published on:
02 Sept 2026 04:57 pm