
यूक्रेन ने मॉस्को रिफाइनरी के बाद रूस के ट्यूमेन रिफाइनरी पर हमला किया है। रूस के पश्चिमी साइबेरिया में स्थित इस तेल रिफाइनरी को यूक्रेन ने 2 हजार किलोमीटर दूर से निशाना बनाया है। हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की का बयान सामने आया है। जेलेंस्की ने कहा कि हमारे पास अब ऐसे नए ड्रोन आ गए हैं जोकि 3,000 किलोमीटर तक मार कर सकते हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि हमारे ड्रोन रूस के ट्यूमेन इलाके तक पहुंचे। यह रूस-यूक्रेन की सीमा से 2 हजार से ज्यादा किलोमीटर दूरी पर है। हमारे काबिल इंजीनियरों ने ऐसी ड्रोन तकनीक विकसित की है कि अब रूस के दूर दराज के इलाकों में स्थित उसके सामरिक, रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाया जा सकता है। जेलेंस्की ने यूक्रेन की सेना के स्पेशल ऑपरेशन यूनिट को अचूक हमले के लिए बधाई दी।
यूक्रेनी हमलों को लेकर ट्यूमेन इलाके के गवर्नर अलेक्जेंडर मूर ने कहा कि रूस के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस ड्रोन हमले को रोक दिया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी को बड़ी क्षति नहीं पहुंची है। वहां काम करने वाले स्टाफ को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था।
बीते कई महीनों से यूक्रेन, रूस के अंदरूनी इलाकों में हमले कर रही है। इन हमलों के लिए यूक्रेनी सेना मीडियम व लॉन्ग रेंज मिसाइलों का उपयोग कर रही है। यूक्रेन ने अपने रणनीति में भी बदलाव किया है। यूक्रेन की कोशिश है कि रूस की तेल कमाई को नुकसान पहुंचाया जाए, क्योंकि यही पैसा रूस अपनी जंग में खर्च करता है।
कुछ दिनों पहले ही यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया था। इसमें हमले में मॉस्को के कपोतन्या तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जहां भयंकर आग लग गई। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, सैकड़ों ड्रोन (कुछ रिपोर्ट्स में 500 से ज्यादा) मॉस्को की तरफ आए। मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि एयर डिफेंस ने ज्यादातर को मार गिराया, लेकिन कुछ रिफाइनरी तक पहुंच गए। यह रिफाइनरी मॉस्को इलाके को 30-40 प्रतिशत ईंधन सप्लाई करती है और क्रेमलिन से सिर्फ 15-16 किलोमीटर दूर है।