
रूस-यूक्रेन युद्ध अब खींचता जा रहा है। इस बीच यूक्रेनी ड्रोन ने रूसी 'शैडो फ्लीट' के आठ बड़े टैंकरों को समुद्र में तबाह कर दिया है। ये टैंकर क्रिमिया में रूसी सेना को ईंधन पहुंचाने का काम कर रहे थे। हमले के बाद समुद्र में धुंआ उठता नजर आया और आग की लपटें आसमान को चीरती दिखीं।
यूक्रेन की ड्रोन फोर्स ने मंगलवार को बताया कि समुद्र ऑफ अजोव में ये कार्रवाई की गई। हर टैंकर करीब 7000 टन वजन का था और ये अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की लिस्ट में शामिल थे। हमले से एक दिन पहले भी यूक्रेन ने इसी इलाके में दो और शैडो फ्लीट के जहाजों को निशाना बनाया था।
यूक्रेन की ओर से कहा गया है कि इन हमलों का मकसद रूस की सप्लाई लाइन को तोड़ना है। क्रिमिया में रूसी सैनिकों को ईंधन और गोला-बारूद पहुंचाना अब मुश्किल हो गया है।
पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन क्रिमिया में रूसी लॉजिस्टिक्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हमले कर रहा है। इससे वहां पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो गई है और स्थानीय प्रशासन को इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी।
क्रिमिया रूस के लिए बहुत अहम है क्योंकि 2014 में रूस ने इसे अपने कब्जे में लिया था और 2022 के बड़े हमले के बाद भी ये इलाका रूसी सेना का बड़ा बेस बना हुआ है।
यूक्रेनी ड्रोन फोर्स ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा- दुश्मन की नौसेना सप्लाई को नुकसान पहुंचाने से क्रिमिया में रूसी सैनिकों की गतिविधियां प्रभावित होंगी।
यूक्रेन ने हमले का ब्लैक एंड व्हाइट ड्रोन वीडियो भी जारी किया है। इसमें जहाजों पर हमला होते देखा जा सकता है और आग फैलती नजर आ रही है। हालांकि इस जानकारी की पुष्टि नहीं हो पाई है।
बता दें कि रूस अपनी तेल की कमाई बचाने के लिए शैडो फ्लीट का इस्तेमाल कर रहा है। ये पुराने टैंकर बिना साफ रजिस्ट्रेशन के रूसी तेल दुनिया भर में ले जाते हैं। यूक्रेन लंबे समय से अपने सहयोगी देशों से अपील कर रहा है कि ये जहाज भी सैंक्शन के दायरे में लाए जाएं।
इससे पहले यूक्रेनी सेना ने ब्लैक सी में समुद्री ड्रोन से भी कई रूसी तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ टैंकरों पर अज्ञात ब्लास्ट भी हुए हैं, जिनके पीछे यूक्रेन का हाथ होने का शक जताया जा रहा है।