
यूक्रेन की सेना ने रूस के उस बड़े दावे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि रूस की सेना ने पूर्वी शहर कोस्टियंटिनिव्का पर कब्जा कर लिया है।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने साफ कहा कि शहर अब भी उनके नियंत्रण में है और वहां डिफेंसिव ऑपरेशन पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं। दरअसल, रूसी सेना ने शुक्रवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया था कि उनकी टुकड़ियों ने कोस्टियंटिनिव्का पर कब्जा कर लिया है।
बता दें कि कोस्टियंटिनिव्का शहर डोनेत्स्क इलाके में रूस की तरफ से लंबे समय से टारगेट रहा है। यूक्रेन की जनरल स्टाफ ने कहा- हम इन दावों को सिरे से खारिज करते हैं। ये सिर्फ फेक न्यूज हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 19वें आर्मी कॉर्प्स की यूनिट्स शहर के अंदर और आसपास की लाइनों पर मजबूती से डिफेंसिव पोजीशन में हैं। इसका मतलब साफ है - लड़ाई अभी जारी है और यूक्रेन पीछे हटने को तैयार नहीं।
कोस्टियंटिनिव्का डोनेत्स्क के उस डिफेंसिव बेल्ट का सबसे दक्षिणी शहर है जो यूक्रेन के लिए बहुत जरूरी है। यहां चार मुख्य बस्तियां एक लाइन में हैं जो पूरे इंडस्ट्रियल इलाके को बचाने का काम कर रही हैं। अगर रूस इसे ले लेता तो उसके सैनिकों को उत्तर की तरफ बढ़ने के लिए अच्छा बेस मिल जाता।
विश्लेषकों का कहना है कि इस शहर पर कब्जा रूस को पूरे क्षेत्र में आगे बढ़ने का बड़ा फायदा दे सकता था। रूस पहले से ही शहर के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण होने की बात कहता रहा है, लेकिन पूरा शहर अभी भी यूक्रेन के पास है।
यूक्रेन-रूस जंग अब भी चरम पर है। रूस लगातार डोनेत्स्क में अपनी तरफ से दबाव बढ़ा रहा है। वहीं यूक्रेन अपनी मजबूत किलेबंदी वाली लाइनों पर टिका हुआ है। कोस्टियंटिनिव्का जैसे शहर यूक्रेन की 'फोर्ट्रेस बेल्ट' का हिस्सा हैं।
ये इलाके भारी किलेबंदी वाले हैं और यहां रूस को हर कदम पर मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन की सेना का कहना है कि वे हर स्थिति में इन लाइनों को संभाले रखेंगे।