
रूस ने गुरुवार सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव पर जोरदार हमला किया। इस घटना के बाद पूरे शहर में आग और धुएं का गुबार छा गया। आवासीय इमारतें ध्वस्त हो गईं, लोग मलबे में दब गए।
इस हमले में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हैं। यह हमला इस साल कीव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला हमला बन गया है। इस घटना के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से आर्थिक मदद मांगी है।
जेलेंस्की ने कहा- मुख्य हमला कीव पर किया गया है। अब यूक्रेन के लिए एयर डिफेंस सप्लाई सबसे जरूरी और अहम प्राथमिकता है।
साथ ही, उन्होंने यूक्रेन के सहयोगियों से अपील की कि वे यूक्रेन के लिए पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल समेत अमेरिकी हथियार खरीदने के लिए बनाए गए फंड में अपना योगदान जारी रखें।
बता दें कि जेलेंस्की आयरलैंड के दौरे पर जा रहे थे, इस हमले के बाद उन्होंने दौरा बीच में ही छोड़कर घर लौटने का फैसला किया। ऐसी खबर है कि कीव में 20 से ज्यादा जगहों पर नुकसान हुआ है।
बताया जा रहा है कि कीव पर रात भर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें बरसती रहीं। लोग घरों से निकलकर बम शेल्टर और मेट्रो स्टेशनों में छिप गए। निप्रो नदी के किनारे एक नौ मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला सैन्य, ऊर्जा सुविधाओं और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किया गया। मॉस्को ने कहा कि यह यूक्रेन के रूस पर ड्रोन हमलों का जवाब था।
उधर, यूक्रेन ने बताया कि रूस ने 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे। पैट्रियट मिसाइलों की कमी के कारण बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना मुश्किल हुआ। वहीं, कीव के मेयर विटाली क्लिट्शको ने शुक्रवार को शोक दिवस घोषित किया।
फरवरी 2022 से चले इस युद्ध में रूस के हमलों में हजारों यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं। रूस कहता है कि वह जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता, लेकिन यूक्रेन कहता है कि रिहायशी इलाकों में भी हमले हो रहे हैं। जेलेंस्की ने पुतिन से बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन क्रेमलिन ने इसे ठुकरा दिया है।