
रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहर एनर्जोडार पर ड्रोन हमला हुआ है। यह शहर रूस के लिए बेहद खास है। यहां जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट हैं। रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन के ड्रोन हमले की वजह से एनर्जोडार में चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं चार अन्य लोग घायल हुए हैं।
रूस की स्टेट न्यूक्लियर कंपनी रोसाटॉम के चीफ एलेक्सी लिकाचेव ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है। बता दें कि एनर्जोडार में रहने वाले ज्यादातर लोग इसी पावर प्लांट के कर्मचारी हैं। उनके परिवार भी यहीं रहते हैं। यह हमला रूस के लिए बड़ा झटका है।
एनर्जोडार में ड्रोन हमले के बाद तेज आवाजें सुनी गईं। बता दें कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यह प्लांट रूस के कब्जे में चला गया था। तब से यह इलाका बार-बार निशाने पर है।
लिकाचेव ने पहले भी कई बार चेतावनी दी थी कि ऐसे हमले न्यूक्लियर सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। यहां के लोग रोज डर के साए में जी रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, महिलाएं घर से बाहर निकलने में हिचकिचाती हैं। बाजार, अस्पताल और घर हर जगह खतरा मंडरा रहा है।
रूस का कहना है कि यूक्रेन जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है। वहीं यूक्रेन की तरफ से अक्सर इन आरोपों को खारिज किया जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि दोनों तरफ से ड्रोन और मिसाइलों की बौछार लगी हुई है।
बता दें कि जापोरिज्जिया प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर स्टेशन है। अगर यहां कोई बड़ा हादसा हुआ तो पूरे यूरोप में रेडिएशन का खतरा फैल सकता है। क्योंकि यह इलाका यूरोप से भी सटा है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पहले ही कई बार चेतावनी दे चुकी हैं।
IAEA (इंटरनेशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी) लगातार दोनों पक्षों से अपील कर रही है कि इस प्लांट को युद्ध से दूर रखा जाए। लेकिन दोनों पक्ष सुनने को तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में प्लांट पर सैकड़ों ड्रोन हमले हो चुके हैं।
रोसाटॉम के मुताबिक मार्च 2026 के बाद से 400 से ज्यादा ड्रोन अटैक हो गए। कुछ हमलों में प्लांट की बिल्डिंग को नुकसान भी पहुंचा, हालांकि मुख्य मशीनरी सुरक्षित रही।