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Ukraine Russia war latest: यूक्रेन का रूस पर बड़ा हमला; फ्रंटलाइन से 500 किमी दूर दो तेल डिपो को बनाया निशाना, जेलेंस्की का दावा

Zelenskyy latest news: जेलेंस्की के इस औचक और रणनीतिक प्रहार ने न सिर्फ मॉस्को को चौंकाया है, बल्कि इस महायुद्ध की दिशा बदलने के संकेत दे दिए हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

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अनुराग अनिमेष

Jul 09, 2026

Ukraine Strikes Two Russian Oil Depots

Ukraine Strikes Two Russian Oil Depots: रूसी क्षेत्र में अंदर तक घुसे यूक्रेनी ड्रोन/मिसाइल; टवेर और स्टावरोपोल के तेल डिपो पर हमला

Ukraine strikes Russian oil depots: यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने रातभर में आज़ोव सागर में रूस के 12 टैंकर, एक टगबोट और एक ड्राई कार्गो जहाज पर हमला किया है। यूक्रेनी सेना के मुताबिक, इन जहाजों का इस्तेमाल रूसी सैनिकों तक ईंधन और तेल सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में किया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि जिन जहाजों को निशाना बनाया गया, उनका उपयोग रूसी सेना की रसद व्यवस्था बनाए रखने में किया जाता था। बयान के अनुसार, इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए भी किया जा रहा था। यूक्रेनी सेना का कहना है कि ऊर्जा संसाधनों का निर्यात रूस के लिए युद्ध वित्तपोषण का एक अहम स्रोत बना हुआ है और इसी वजह से इन जहाजों को निशाना बनाया गया।

क्रीमिया की सप्लाई लाइन पर बढ़ा दबाव

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन लगातार रूस के कब्जे वाले क्रीमिया को सैन्य और लॉजिस्टिक रूप से अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रीमिया में पहले ईंधन की राशनिंग लागू की गई थी, जिसे अब आम लोगों के लिए ईंधन बिक्री पर प्रभावी रोक जैसी स्थिति ने बदल दिया है।

आजोव सागर रूस के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह क्रीमिया और दक्षिणी यूक्रेन के रूस-नियंत्रित इलाकों तक सैन्य आपूर्ति पहुंचाने का प्रमुख समुद्री मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में होने वाले हमले रूस की रसद व्यवस्था पर सीधा असर डाल सकते हैं।

रूस में ईंधन संकट की भी चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, रूस पहले से ही ईंधन संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कई तेल रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

क्रीमिया पर नियंत्रण नहीं, लेकिन दबाव बढ़ाने की कोशिश

हालांकि फिलहाल रूस के क्रीमिया पर नियंत्रण खोने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन यूक्रेन लगातार ऐसे हमलों के जरिए वहां की सैन्य आपूर्ति और संसाधनों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे रूस के संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है और भविष्य में किसी भी संभावित वार्ता के दौरान यूक्रेन की स्थिति मजबूत हो सकती है।