
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज। (फोटो: X/@narendramodi)
India-Australia Trade Relations: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बरसों से कारोबारी रिश्ते रहे हैं और अब दोनों देशों का 2030 तक 100 अरब डॉलर यानि करीब 9.53 लाख करोड़ बिजनेस होने का टारगेट है।ऑस्ट्रेलिया को एक्सपोर्ट किए जाने वाले प्रमुख उत्पादों में पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, दवाएं और फार्मास्युटिकल्स, कपड़े, गारमेंट्स और हीरे, जवाहरात व जेवरात शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेलबर्न यात्रा से कारोबारी रिश्ते मजबूत होने की उम्मीदें जागी हैं। ऑस्ट्रेलिया के कारोबारियों का कहना है कि मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत के साथ बिजनेस रिलेशन मजबूत करने के लिए बिल्कुल सही समय है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के तहत व्यापार में निरंतर वृद्धि हो रही है। दोनों देश वर्तमान में सेवाओं और महत्वपूर्ण निवेशों में व्यापार बाधाओं को और कम करने के लिए एक विस्तारित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कुल द्विपक्षीय व्यापार 24.1 अरब डॉलर यानि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचा था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया को पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन, पॉलिश किए हुए मोती, कीमती पत्थर और मशीनरी निर्यात करता है। ईसीटीए के तहत सभी भारतीय निर्यातों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में 100% शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त है। वहीं भारत मुख्य रूप से थोक खनिज, कोयला, सोना और कच्ची कपास और दालों जैसी कृषि वस्तुओं का आयात करता है। इसके बदले में, भारत ऑस्ट्रेलिया के लगभग 90% व्यापार मूल्य के लिए प्राथमिक बाजार पहुंच प्रदान करता है।
इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया इइंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदार हैं। 2026 के फाइनेंशियल ईयर (नवंबर 2025 तक) में, ऑस्ट्रेलिया एक्सपोर्ट के मामले में 13वें और इम्पोर्ट के मामले में 15वें स्थान पर रहा। 2026 के फाइनेंशियल ईयर (नवंबर 2025 तक) में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आपसी व्यापार 13.93 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा। वित्त वर्ष 2026 (नवंबर 2025 तक) में, भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड का मूल्य यूएस 4.85 बिलियन था, जबकि कुल व्यापार मूल्य यूएस 9.08 बिलियन था। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच कुल यूएस1.67 बिलियन के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के साथ, ऑस्ट्रेलिया भारत के लिए यूएस के स्रोत के तौर पर 26वें स्थान पर है।
ऑस्ट्रेलिया के बिजनेस लीडर्स ने ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में मोदी के संबोधन की सराहना की है। उद्योग जगत के अधिकारियों के अनुसार, यह फोरम सही समय पर हुआ है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरक शक्तियों को मजबूती मिली है और कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुले हैं। एमोर एडवाइजरी के संस्थापक अनिल आडवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों में ईमानदारी और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने का संयुक्त संकल्प दोनों झलकते हैं। पिनैकल एडवाइजर्स की संस्थापक विधि आशिक मोदी ने कहा, एक बार जब हम सहयोग करेंगे, तो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के वास्तव में रिश्ते मजबूत होने की अपार संभावनाएं हैं।
अधिकृत प्रतिनिधि और संस्थापक व निदेशक हर्षद काले ने कहा कि इस यात्रा ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को गहरा किया है। उन्होंने कहा, हम सभी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और साथ ही ऑस्ट्रेलिया और भारत को एक साथ विकास करने में मदद करने के लिए भी कहेंगे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई लोगों को अच्छा लाभ मिलेगा और भारत में पूंजी का निवेश होगा।
काले ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत को तेजी से एक रणनीतिक आर्थिक साझेदार के रूप में देख रहा है, जबकि भारत की तीव्र वृद्धि ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों और निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश के अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारों की तलाश में है और 'भारत एक ऐसा देश है जो यह साझेदारी प्रदान कर सकता है और इससे दोनों देशों का विकास सर्वोत्तम होगा।' (इनपुट: ANI)
Updated on:
09 Jul 2026 01:46 pm
Published on:
09 Jul 2026 01:46 pm
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