
Ukraine Drone Attack: यूक्रेनी ड्रोन्स ने रूस के बशकोर्तोस्तान में सलावत ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया। रिफाइनरी परिसर में आग लग गई। यह रिफाइनरी 'गजप्रोम नेफ्टेखिम सलावत' है, जो यूक्रेन की सीमा से 1,400 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय गर्वनर ने रिफाइनरी में आंशिक नुकसान होने और जल्द ही प्रोडक्शन सामान्य रूप से शुरू होने की बात कही है।
दूसरी तरफ यूक्रेन की सेना ने दावा किया कि उसने रात भर सलावत और दक्षिणी रूस में अफिप्सकी रिफाइनरी पर हमले किए। ये हमले रूस के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेज किए गए हमलों का हिस्सा थे, जिनका मकसद मॉस्को की युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर करना था। यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के बशकोर्तोस्तान में सलावत ऑयल रिफाइनरी में हमले के बाद परिसर में में आग लग गई।
रूस ने सलावत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में मुख्य प्रोडक्शन यूनिट्स को नुकसान नहीं पहुंचने का दावा किया है। प्लांट में कुछ ही दिनों में सामान्य रूप से प्रोडक्शन शुरू होने का भी दावा किया गया है। ड्रोन हमले में पाइप रैक और पावर केबल तक ही सीमित नुकसान हुआ है। रूस की कुल ऑयल रिफाइनिंग क्षमता में सलावत का हिस्सा लगभग 2.7% है।
मिली जानकारी के मुताबिक रूस में यूक्रेन की हमले की एक साजिश इस हमले से ठीक एक दिन पहले ही नाकाम हुई है। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा FSB के मुताबिक, अमूर क्षेत्र का उक्राइन्का और चेल्याबिंस्क क्षेत्र का शागोल सैन्य एयरबेस यूक्रेन के निशाने पर था।
यूक्रेन ने 24 FPV ड्रोन पहले ब्रांस्क क्षेत्र में पहुंचाए गए। फिर घरेलू उपकरणों से लदी गाड़ियों में छिपाकर एयरबेस के पास ले जाए गए और किराए के गैरेजों में हमले के लिए तैयार किए गए।
रूसी सेना ने जो यूक्रेनी ड्रोन जब्त किए हैं वे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली (EW) के प्रभाव का सामना करने वाले न्यूरल नेटवर्क कंट्रोल मॉड्यूल और एक किलो से ज्यादा विस्फोटक वाले वारहेड से लैस थे। ये मॉड्यूल ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और स्वीडन के थे। FSB ने कहा कि पहले से मिली खुफिया जानकारी की मदद से हमले की कोशिश नाकाम कर दी गई, आरोपियों और उनके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।