
US strikes Iran: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका लगातार हमले कर रहा है, वहीं ईरान भी पलटवार का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर और कड़े हो गए हैं। इसी बीच, अमेरिकी सेना ने लगातार आठवीं रात ईरान पर बमबारी की है। इन हमलों की जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दी है। CENTCOM का कहना है कि ये हमले आंशिक रूप से जॉर्डन में हुए उस हमले के जवाब में किए जा रहे हैं, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'आज शाम 6 बजे (अमेरिकी पूर्वी समय-ET), यानी भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 3:30 बजे, राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों का उद्देश्य हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। साथ ही, जॉर्डन में पिछली रात अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को तुरंत जवाब देना भी इन हमलों का मकसद है।'
आपको बता दें कि इस संघर्ष में हालिया घटनाओं में दो और अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, जिससे इस युद्ध में अब तक मारे गए अमेरिकी सैन्यकर्मियों की कुल संख्या 16 हो गई है।
ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों में मारी गई दो बच्चियों के नाम बताए हैं। भारत में ईरानी दूतावास ने एक्स पर इसकी जानकारी दी। दूतावास के अनुसार, सोगंद दर्दमंद और फातिमा ज़हरा अकबरी उन सात नागरिकों में शामिल थीं, जिनकी दक्षिणी ईरान के बंदर खमीर में मौत हुई।
गुरुवार देर रात अमेरिकी सेना ने बंदर खमीर के एक पुल पर हवाई हमला किया। इसी हमले में सात नागरिकों की जान चली गई। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिकी हवाई हमलों में अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।