विदेश

क्यूबा के नजदीक पहुंचा अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS निमित्ज, ट्रंप ने दी कार्रवाई की धमकी

अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज कैरेबियन सागर (US Aircraft Carrier USS Nimitz Approaches Cuba) में दाखिल हो गया है। ट्रंप ने क्यूबा पर कार्रवाई की धमकी दी है। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री जो खुद क्यूबा मूल के हैं उन्होंने स्पेनिश में क्यूबा के लोगों के लिए संदेश जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
May 21, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-ANI)

वाशिंगटन और हवाना के बीच फिर से पुराना झगड़ा भड़क उठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की सरकार ने क्यूबा (Cuba) के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर गंभीर आरोप लगाए हैं, ठीक उसी समय जब अमेरिका का ताकतवर विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज (US Aircraft Carrier USS Nimitz) अपना स्ट्राइक ग्रुप लेकर कैरिबियन सागर में दाखिल हो गया है। यह तस्वीर काफी डरावनी लग रही है और दुनिया के कई देश इसे नजरअंदाज नहीं कर पा रहे हैं। दुनिया को यह चिंता सताने लगी है कि क्या अमेरिका एकबार फिर किसी देश पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी में है।

ट्रंप का सख्त रुख और नया आरोप-पत्र

ट्रंप ने बुधवार को साफ कहा कि क्यूबा उनके प्रशासन के दिमाग में है। अमेरिकी न्याय विभाग ने राउल कास्त्रो पर 1996 में दो नागरिक विमानों को मार गिराने का आरोप लगाया है। उस घटना में चार लोग मारे गए थे। ट्रंप ने इसे बहुत बड़ा क्षण बताया, खासकर उन क्यूबा-अमेरिकियों के लिए जो सालों से अपने परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यह आरोप-पत्र क्यूबा के स्वतंत्रता दिवस पर जारी किया गया है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जो खुद क्यूबा मूल के हैं। उनके मां-पिता क्यूबा क्रांति के बाद अपना वतन छोड़कर अमेरिका आ गए थे। उन्होंने स्पेनिश में क्यूबा के लोगों को सीधा संदेश दिया है। मार्को रुबियो ने बिजली कटौती के लिए कम्युनिस्ट सरकार को जिम्मेदार ठहराया और ईंधन नाकेबंदी का समर्थन किया है।

निमित्ज पहुंचा कैरेबियन सागर में

अमेरिकी दक्षिणी कमान (Southcom) ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी है कि विमानवाहक पोत USS निमित्ज कैरेबियन सागर में प्रवेश कर चुका है। उसके साथ F/A-18E सुपर हॉर्नेट, EA-18G ग्राउलर और C-2A ग्रेहाउंड जैसे लड़ाकू विमान हैं। ग्रुप में Arleigh Burke क्लास का डिस्ट्रॉयर USS Gridley और ऑयल रिप्लेसमेंट शिप USNS Patuxent भी है।

अमेरिकी दक्षिणी कमांड ने एक्स पर लिखा कि यूएसएस निमित्ज ने दुनिया भर में अपनी ताकत साबित की है। वह अरब सागर से लेकर ताइवान जलडमरूमध्य तक में तैनात रह चुका है।

क्या क्यूबा पर दबाव डालने की है रणनीति

अमेरिकी प्रशासन से जब यूएसएस निमित्ज के कैरेबियन सागर में तैनाती को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने इसे दक्षिण सागर 2026 एक्सरसाइज का हिस्सा बताया है। अमेरिका ने कहा कि इसमें दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के कई देश शामिल हैं, लेकिन दुनिया भर के सामरिक विशेषज्ञ अमेरिकी नौसेना के इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका ने यह कदम क्यूबा पर दबाव डालने के लिए उठाया है। ट्रंप प्रशासन क्यूबा की मौजूदा सरकार को लगातार निशाना बना रहा है। CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने हाल ही में क्यूबा अधिकारियों से मुलाकात की और चेतावनी दी कि बातचीत का मौका हमेशा नहीं रहेगा।

क्यूबा में गहरा रहा है आर्थिक संकट

क्यूबा में बिजली संकट, आर्थिक मुश्किलें और राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका की तरफ से नए कदमों से द्वीप पर रहने वाले लोगों की जिंदगी और मुश्किल हो सकती है। वहीं क्यूबा-अमेरिकी समुदाय में इस विकास पर खुशी है। विश्लेषक कह रहे हैं कि यह पूरा मामला पुराने घावों को फिर से हरा रहा है। 1996 की घटना अभी भी कई परिवारों के जख्म ताजा कर रही है। अभी यह साफ नहीं है कि आगे क्या होगा - क्या बातचीत बढ़ेगी या तनाव और बढ़ेगा। लेकिन USS Nimitz का कैरिबियन में होना साफ संकेत दे रहा है कि अमेरिका इस इलाके में अपनी मौजूदगी मजबूत रखना चाहता है।

ये भी पढ़ें

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका में हत्या का मुकदमा, मियामी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
Published on:
21 May 2026 08:20 am
Also Read
View All