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US-Iran Talks: पाकिस्तान पहुंचने वाले हैं अमेरिकी दूत, ईरान ने बातचीत के लिए अब तक किसी को नहीं भेजा

Donald Trump ने चेतावनी दी कि समझौता न होने पर ईरान के बिजली घरों पर हमला हो सकता है और ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ की सराहना की।

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Apr 21, 2026
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इस्लामाबाद में बातचीत की तैयारी। (फोटो- The Washington Post)

अमेरिकी दूत पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। वह किसी भी वक्त इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। इस बीच, यह खबर आई है कि ईरान का कोई भी राजनयिक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं गया है। ईरान ने ऐसी किसी भी आवाजाही की खबरों को खारिज कर दिया है।

ट्रंप की धमकी, फिर भी बातचीत की मेज

सोमवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर 50 मिनट के भीतर चार पोस्ट किए। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान के बिजली घरों को निशाना बनाया जाएगा।

इतना ही नहीं, उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए गए।

इस बयानबाजी के बावजूद पर्दे के पीछे हलचल जारी है। कुछ देर पहले यह खबर थी कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपनी टीम को इस्लामाबाद जाने की इजाजत दे दी है। हालांकि, अब इस दावे को ख़ारिज कर दिया गया है।

पाकिस्तान बना बातचीत का अड्डा

कुछ घंटे पहले एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से अरबी चैनल अल-अरबिया ने बताया कि अमेरिका और ईरान के दल एक ही दिन इस्लामाबाद पहुंचेंगे।

बातचीत बुधवार को होने की उम्मीद है। पाकिस्तान ने बैठक की सारी तैयारी कर ली है, हालांकि ईरान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ऐसे नाजुक मौकों पर बीच का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद इस पूरे मामले में अपनी अहम भूमिका निभाने की कोशिश में है।

ईरान का जवाब- झुकेंगे नहीं

ट्रंप की धमकियों पर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद घालीबाफ ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेगा।

उनका कहना था कि अमेरिका बातचीत की मेज को समर्पण की मेज बनाना चाहता है, जो कभी नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो हफ्तों में ईरान ने युद्धक्षेत्र में नए पत्ते खेलने की तैयारी कर ली है।

युद्धविराम की मियाद खत्म होने का डर

ट्रंप ने संकेत दिया है कि मौजूदा युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में बुधवार की बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है। अगर यह वार्ता किसी नतीजे पर पहुंची तो यह मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बड़ा मोड़ होगा।

Updated on:
21 Apr 2026 02:31 pm
Published on:
21 Apr 2026 02:02 pm