Fallout: अमेरिकी सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ विवाद के बाद पद से हटा दिया गया है। यह विवाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के प्रमोशन को रोकने और सेना में हस्तक्षेप को लेकर हुआ था।
US Army Chief : अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी बर्खास्तगी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ हुए गंभीर विवाद के बाद हुई है। यह पूरा विवाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के प्रमोशन को रोकने से स्पष्ट रूप से जुड़ा हुआ था । रक्षा सचिव लगातार प्रमोशन रोकने का दबाव बना रहे थे, जिसे रैंडी जॉर्ज ने पूरी तरह खारिज कर दिया । यह बड़ी कार्रवाई ऐसे अहम समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच गंभीर युद्ध चल रहा है ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज के बीच कई बातों को लेकर गहरे मतभेद थे। मुख्य विवाद चार सैन्य अधिकारियों को 'वन-स्टार जनरल' के पद पर प्रमोट किए जाने को लेकर था। पीट हेगसेथ चाहते थे कि इन अधिकारियों का नाम प्रमोशन लिस्ट से हटा दिया जाए और इसके लिए वे लगातार दबाव भी डाल रहे थे। लेकिन रैंडी जॉर्ज और अमेरिकी सेना के सचिव डेनियल पी ड्रिस्कॉल ने इस मांग को ठुकरा दिया। उनका तर्क था कि इन अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड बहुत ही शानदार रहा है, इसलिए प्रमोशन रोकना अनुचित होगा। यह तनाव तब और बढ़ गया जब जॉर्ज ने हेगसेथ से इस मुद्दे पर मिलने का समय मांगा, लेकिन हेगसेथ ने मुलाकात से इनकार कर दिया।
यह फैसला बहुत ही संवेदनशील समय पर लिया गया है। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अपने लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है और उन्होंने सेना को जीत के लिए बधाई भी दी थी। ऐसे समय में शीर्ष सैन्य नेतृत्व में इस तरह के बदलाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
जनरल रैंडी जॉर्ज को साल 2023 में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सेना प्रमुख के तौर पर नामित किया था। उनका कार्यकाल सामान्यतः 2027 तक होना था। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 2024 में सेना को गंभीर भर्ती संकट से बाहर निकाला। इसके अलावा, उन्होंने 'ट्रांसफॉर्मेशन इन कॉन्टैक्ट' कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें सस्ते ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए हथियारों की टेस्टिंग पर जोर दिया गया। उनका सैन्य करियर करीब चार दशकों का रहा है, जिसमें उन्होंने इराक और अफगानिस्तान में कई अहम अभियानों का नेतृत्व किया। अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी में भी उनकी अहम भूमिका रही थी।
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में बड़े अधिकारियों को हटाए जाने का यह पहला मामला नहीं है। सेना के ट्रेनिंग और डॉक्ट्रिन कमांड के प्रमुख जनरल डेविड होडने और चैपलिन कॉर्प्स के प्रमुख मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर को भी बर्खास्त किया गया है। इससे पहले 2025 में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स "सीक्यू" ब्राउन को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए हटा दिया गया था। नेवी, कोस्ट गार्ड और वायु सेना के कई शीर्ष अधिकारियों की भी छुट्टी की जा चुकी है।
सैन्य विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों ने रक्षा विभाग के इस कदम पर चिंता व्यक्त की है। जानकारों का मानना है कि युद्ध जैसे गंभीर समय में सेना प्रमुख को हटाना सैन्य मनोबल को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। पेंटागन की ओर से अब तक जनरल रैंडी जॉर्ज की बर्खास्तगी के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनकी जगह किस नए अधिकारी को सेना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी जाती है और क्या सेना में प्रमोशन की रुकी हुई प्रक्रिया फिर से शुरू होती है या नहीं।
इस पूरे घटनाक्रम में सेना सचिव डेनियल पी ड्रिस्कॉल की भूमिका भी काफी चर्चा में है। ड्रिस्कॉल और जॉर्ज के बीच बीते एक साल में बहुत अच्छे कामकाजी संबंध बन गए थे, जो रक्षा सचिव हेगसेथ को पसंद नहीं आया। इसके साथ ही, पिछले साल हेगसेथ की ओर से सक्रिय जनरलों की संख्या में 20 प्रतिशत कटौती का आदेश भी इस खींचतान को बढ़ाने वाला एक बड़ा फैक्टर माना जा रहा है।