
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार पिछली चार रात ईरान पर हमले किए हैं। आज अमेरिका ने दिन में भी ईरान पर हमले किए, जिसकी जानकारी सेना की CENTCOM यूनिट ने दी। ये हमले भी अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए और गौर करने वाली बात यह है कि इन हमलों में अमेरिकी सेना ने ईरानी सेना को निशाना बनाया। अमेरिका के ताज़ा हमलों के दौरान यह पहला मौका है जब सीधे तौर पर ईरानी सेना पर हमला किया गया है।
दिन के समय ईरान की सेना पर किए गए अमेरिकी हमले में 7 ईरानी सैनिक मारे गए। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के बांपुर शहर में ईरानी सेना की ज़मीनी फ़ोर्स की बैरक में मौजूद रिहायशी इलाके और रहने की जगह पर 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में ईरान की सेना की 388वीं ब्रिगेड के 7 सैनिकों की मौत हो गई।
अमेरिका के इस हमले में ईरान की सेना की 388वीं ब्रिगेड के 13 सैनिक घायल भी हो गए। साथ ही कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
ईरानी सेना ने अमेरिका के इस हमले की कड़ी निंदा की। ईरानी सेना ने इस बात का भी आश्वासन दिया कि इस आक्रामकता के लिए अमेरिका को कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान भी बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) को लगातार निशाना बना रहा है। अब तक ईरान मिडिल ईस्ट में इन दोनों देशों में कई सैन्य और अन्य ठिकानों पर हवाई हमले कर चुका है, जिससे नुकसान भी हुआ है। अगर ईरान पर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमले भी नहीं रुकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बहरीन और कुवैत दोनों ही अमेरिका के सहयोगी देश हैं। दोनों देशों में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं, जिन पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक, हथियार, फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर्स और अन्य सैन्य सामग्री मौजूद हैं और इसी वजह से ईरान बहरीन और कुवैत पर हमले कर रहा है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी ईरानी सेना जहाजों को निशाना बना रही है और अमेरिकी सेना पर भी गोलीबारी कर रही है।