Abdul Basit statement: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान से भड़काऊ बयान सामने आया है। पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो मुंबई और दिल्ली को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, आसिम मुनीर के बयान पर शिया समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है।
Abdul Basit statement on US attack: परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाकर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है। वहीं, इस युद्ध के बीच अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड की रिपोर्ट में पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम को अमेरिका के लिए खतरा बताया गया है। ऐसे में पड़ोसी देश पाकिस्तान में इसको लेकर डर का माहौल बन गया है। पाकिस्तान को आशंका है कि ईरान के बाद कहीं अमेरिका उसे निशाना न बना ले। इसी संदर्भ में पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने शनिवार को एक टीवी डिबेट में भड़काऊ बयान दिया।
भारत को गीदड़-भभकी देते हुए बासित ने कहा कि यदि अमेरिका उनके देश पर हमला करता है, तो पाकिस्तान भारत की राजधानी दिल्ली और मुंबई को निशाना बनाएगा। अमेरिका के संभावित हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने अटपटा जवाब देते हुए कहा कि 'हमें कुछ और नहीं करना है। यदि हमारी पहुंच अमेरिका तक नहीं भी है, तो हम बिना सोचे-समझे भारत पर हमला कर देंगे। बाद में जो होगा, देखा जाएगा।'
बासित ने अपनी बात के समर्थन में तर्क दिया कि भले ही पाकिस्तान अपने वास्तविक दुश्मनों को निशाना न बना पाए, लेकिन वह भारत के शहरों को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, बासित का यह बयान पाकिस्तान की सोच को दर्शाता है।
उधर, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के एक बयान से वहां का शिया समुदाय नाराज हो गया है। रावलपिंडी में शिया धर्मगुरुओं के साथ एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए आसिम मुनीर ने कथित तौर पर कहा कि 'यदि आपको ईरान इतना पसंद है, तो आप वहां चले जाएं। मुनीर के इस बयान को शिया समुदाय ने अपमानजनक बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही इसे उनकी शिया-विरोधी सोच का परिणाम बताया है।
बताते चलें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। माना जा रहा है कि उसी संदर्भ में आसिम मुनीर ने यह बयान दिया था। पाकिस्तान के शिया धर्मगुरु मुहम्मद शिफा नजफी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूरे समुदाय को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भी शिया थे।