
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता की कोशिश पटरी पर से उतर सकती है। बीते दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में भीषण सैन्य झड़प हुई है। अमेरिका ने बीते 24 घंटों में ईरान में दूसरा बड़ा हमला किया है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है।
कतर में मौजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं पर निशाना बनाते हुए उन्हें तबाह कर दिया है।
हमलों को लेकर ईरानी न्यूज एजेंसी IRIB ने कहा कि दक्षिणी शहर सिरिक के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई। ईरानी मीडिया ने कहा कि हमले में कम्युनिकेशन नेटवर्क को नुकसान पहुंचा है।
वहीं, टेलिग्राम चैनल ईरान इंटरनेशनल में IRGC नेवी कमांड का एक मैसेज सर्कुलेट हो रहा है। इसमें ईरानी नेवी ने लिखा कि सिरिक में अमेरिकी सेना की अंधाधुंध फायरिंग से होर्मजु जलडमरूमध्य पर हमारा दबदबा कमजोर नहीं होता है, लेकिन नियम तोड़ने वालों पर हमारी फायरिंग बाकी जहाजों को साफ रास्ते की याद दिलाती है। इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों की स्थिति अलग है। उन्हें नरक जैसी हालत का सामना करना पड़ेगा।
इससे पहले IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने बताया कि रविवार सुबह कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना के आठ ठिकानों पर IRGC की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स के ड्रोन और मिसाइल हमलों की जानकारी दी थी। ईरान ने चेताया कि युद्धविराम का उल्लंघन इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की धारा 1 के खिलाफ है। इसके परिणामस्वरूप सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी।
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान ने शनिवार तड़के वन-वे अटैक ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर पर निशाना बनाते हुए युद्धविराम का उल्लंघन किया। सेंटकॉम ने कहा कि यह टैंकर दो मिलियन (20 लाख) से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर होर्मुज के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
अमेरिकी सेना ने कहा कि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद भी ईरान को युद्धविराम का पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने तनाव कम करने के बजाए एकबार फिर जहाजों को निशाना बनाया और हालात को गंभीर बना दिया। सेंटकॉम ने कहा कि होर्मुज से कमर्शियल शिप्स की आवाजाही जारी है। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, सक्षम और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।