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Ceasefire Violation : क्या इजरायल अमेरिका का देगा साथ, ईरान पर अकेले या इजरायल के साथ करेगा जवाबी हमला

Ceasefire Violation MoU : युद्धविराम समझौते के बावजूद, अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है और दावा किया है कि हमला ईरान ने ही शुरू किया था। ईरान ने अमेरिकी हमले का कड़ा जवाब देते हुए अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जबरदस्त हमला किया है।
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भारत

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MI Zahir

Jun 27, 2026

Cease Fire Broken News

पूरी तरह शांति की राह पर कब आएंगे अमेरिका, इजरायल और ईरान। (फाइल फोटो: पत्रिका )

Ceasefire Violation Between US and Iran : अमेरिका और ईरान में सीजफायर समझौते के बावजूद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान ने उस पर हमला किया है। ईरान ने अमेरिकी की स्ट्राइक का सख्त जवाब दिया है और यूएस सैन्य बेस पर जोरदार हमला किया है । उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू डोनाल्ड ट्रंप की बातों को नजरअंदाज कर यह कह चुके हैं कि वे अपने फैसले खुद लेंगे। अब इजरायल और लेबनान के बीच शांति वार्ता समझौता होने की संभावना है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अमेरिका ईरान पर पहले की तरह इजरायल के साथ मिल कर हमला करेगा या अकेले ही हमला कर देगा।

तेहरान ने की अमेरिकी हमलों की निंदा,कहा-यह एमओयू का उल्लंघन

ध्यान रहे कि तेहरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह हमला एमओयू का उल्लंघन है। अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि उधर आईआरजीसी ने कहा कि उसने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों के बावजूद, नाजुक संघर्ष-विराम (सीजफायर) अभी भी कायम है।

अमेरिका के जवाब में ईरान ने किया हमला

अमेरिकी सेना ने कहा कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर ईरानी हमले के जवाब में, शुक्रवार को उसकी सेनाओं ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों और तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया।

इराक में ईरानी कुर्द विपक्षी शिविर पर ड्रोन से हमला

इस बीच आईडीएफ ने किसी भी आतंकी संदिग्ध के न मिलने की बात कहने के बाद वेस्ट बैंक की बस्ती से लॉकडाउन हटा लिया। संदिग्ध आतंकवादी घुसपैठ के कारण वेस्ट बैंक की एक बस्ती में छह घंटे से अधिक समय से लॉकडाउन जारी है।

हमले से शांति समझौता खतरे में पड़ गया

मौजूदा हालात चिंताजनक हैं क्यों कि अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर फिर से सैन्य हमले कर रहे हैं, जिससे हाल ही में हुआ शांति समझौता खतरे में पड़ गया है। ईरान पर भविष्य की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।

इजरायल को अकेले लड़ना पड़ सकता है

इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि वे अकेले ही तेहरान पर हमला कर सकते हैं, जबकि अमेरिका ने चेतावनी दी है कि इजरायल को बिना अमेरिकी समर्थन के लड़ना पड़ सकता है।

इजरायली सेना अभी भी लेबनान के कुछ हिस्सों पर काबिज

दरअसल एक कॉम​र्शियल कार्गो जहाज पर ईरानी ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक तनाव के बावजूद, इजरायल और लेबनान ने शांति का रास्ता बनाने और हिजबुल्लाह को निहत्था करने के मकसद से एक त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए, हालांकि इजरायली सेना अभी भी लेबनान के कुछ हिस्सों पर काबिज है।

अकेले पड़ने का खतरा: ट्रंप का इजरायल के लिए रुख

मौजूदा हालात ये हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ईरान के साथ एकतरफा तौर पर बड़े पैमाने पर जंग शुरू करता है, तो उसे अकेले ही लड़ना पड़ सकता है। इजरायल का रुख यह है कि इजरायली सुरक्षा कैबिनेट के दक्षिणपंथी सदस्य इतामार बेन-ग्विर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि इजरायल की सुरक्षा के लिए ईरानी खतरे के खिलाफ अपनी शर्तों पर कार्रवाई करना जरूरी है, चाहे इसमें अमेरिका शामिल हो या न हो। बहरहाल,अमेरिका और ईरान व इजरायल और लेबनान अगर ईमानदारी से शांति की राह पर अग्रसर होते हैं तो अमन की राह में यह एक अच्छा ​कदम साबित होगा