ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले से क्या अमेरिका को ही आर्थिक नुकसान होगा? जानिए यूएस-ईयू व्यापार युद्ध का पूरा विश्लेषण।
Greenland issue: ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की रट लगाए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ग्रीनलैंड का मुद्दा पहले ही यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव का कारण बना है, लेकिन अपने सबसे बड़े व्यापार सहयोगी के साथ डोनाल्ड ट्रंप का यह दांव क्या इस बार उल्टा पड़ सकता है? जबकि पिछले साल ही अमेरिका की यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील हुई है।
वर्ष 2024 में यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के बीच करीब दो ट्रिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था। ईयू अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। ईयू से अमेरिका का इस दौरान व्यापार घाटा 235.6 बिलियन डॉलर था। यूरोप से अमेरिका को आटो पार्ट्स, मशीनरी, दवाएं, केमिकल्स निर्यात करता है। बदले में अमेरिका यूरोप को एनर्जी, टेक्रोलॉजी, डिफेंस उपकरण भेजता है।
ट्रंप की धमकी के जवाब में यूरोप ने अमेरिका से व्यापार समझौता रोक दिया है। इससे अब दोनों के बीच व्यापार युद्ध छिड़ने की भी संभावना है। यूरोपीय संसद की की ट्रेड कमेटी चेयर बन्र्ड लांगे ने ईयू के एंटी कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट इस्तेमाल करने की बात कही है जो पहले कभी उपयोग नहीं किया गया। इसमें अमेरिकी टेक कंपनियों पर टैक्स और निवेश पर रोक जैसी शक्तियों का उपयोग किया जाएगा। इस टैरिफ से अमेरिका में दवाएं महंगी हो सकती हैं।