West Asia conflict: ईरान में गिराए गए अमेरिकी फाइटर जेट F-15E के अपने दूसरे क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके लिए अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने ईरान की सरजमीं पर ऑपेरशन चलाया।
US-Israel-Iran: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व के हालात बेहद भयावह है। इसके चलते दुनिया भर के कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में मसले के हल के लिए कई देशों द्वारा वार्ता की मेज पर लौटने की वकालत की गई है। बावजूद अमेरिका और इजरायल के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं ईरान भी किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है। मौजूदा जंग में एक-दूसरे को मात देने के तमाम दावों के बीच ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की सरजमीं पर गिरे अपने फाइटर जेट F-15E के दूसरे पायलट को ढूंढ निकाला है। अमेरिकी स्पेशन फोर्सेज के जवानों ने खतरनाक हालत में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारी गोलीबारी के बीच अमेरिकी स्पेशनल फोर्सेज के जवानों ने ढूंढकर फाइटर जेट F-15E के दूसरे पायलट को रेस्क्यू किया। अमेरिका और ईरान दोनों पायलट को तलाश रहे थे। F-15E के दूसरे पायलट को जिस समय रेस्क्यू किया गया, उस वक्त सुरक्षित स्थान पर छिपने के लिए भाग रहा था। अब अमेरिका ने भी पायलट के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने की पुष्टि कर दी है।
ईरान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांतों के साथ-साथ बख्तियारी क्षेत्र के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में हुई, जहां स्थानीय समूहों ने शनिवार को दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया।
इससे पहले ईरान के ऊपर इजेक्ट को मजबूर हुए अमेरिकी फाइटर जेट F-15E के पायलट के पकड़े जाने या नुकसान पहुंचाए जाने संबंधी सवाल पूछे गए तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर किसी तरह की प्रतिक्रिया या विवरण देने से इनकार कर दिया था।
उनसे पूछा गया था कि अगर ईरानी सेना द्वारा उस अमेरिकी पायलट के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तो वे क्या कदम उठाएंगे, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा नहीं होगा।'
उधर, पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम के तहत IRCG यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उन्होंने मध्य शहर इस्फहान में MQ-9 रीपर ड्रोन को नष्ट कर दिया है।