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Indian fishermen evacuation: ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे अर्मेनिया के रास्ते भारत लौटे

Indian fishermen evacuation operation: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने ईरान में फंसे 345 मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला। सभी चेन्नई पहुंचे, MEA का रेस्क्यू ऑपरेशन।

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External Affairs Minister S. Jaishankar (Photo - IANS)

West Asia conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। ये सभी मछुआरे शनिवार शाम चेन्नई पहुंचे। उनकी स्वदेश वापसी आर्मेनिया के रास्ते की हुई है। विदेश मंत्रालय ने इस सफल ऑपरेशन को संकटग्रस्त क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

भारत ने अर्मेनिया सरकार का जताया आभार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मानवीय प्रयास में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार का आभार जताया। उन्होंने अपने समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनकी मदद से भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालकर भारत पहुंचाया जा सका। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आर्मेनिया ने इस कठिन समय में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह निकासी अभियान बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। अब तक 1,200 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या छात्रों की है, जो वहां पढ़ाई कर रहे थे। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर ने बताया कि कुल निकाले गए लोगों में से 996 को आर्मेनिया और 204 को अज़रबैजान ले जाया गया, जहां से उनकी भारत वापसी सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार इस पूरे अभियान के दौरान भारतीय दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। निकाले गए नागरिकों को ट्रांजिट के दौरान भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

लगभग 6.24 लाख भारत आए यात्री

इस बीच, पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के कारण बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर महाजन (Aseem R Mahajan) के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 6.24 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच सीमित उड़ानें चलाई जा रही हैं और सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए विशेष उड़ानों की भी व्यवस्था की गई है।

उल्लेखनीय है कि यह संकट 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके जवाब में ईरान की कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। इसके चलते खाड़ी क्षेत्र के हवाई मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।