
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची(Photo- IANS)
Seyed Abbas Araghchi on Bushher Nuclear Plant: बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद ईरान भड़क गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए आगाह किया है कि यदि इसी तरह के हमले जारी रहे, तो इस प्लांट से निकलने वाला रेडिएशन तेहरान तक नहीं, बल्कि खाड़ी देशों के शहरों में पहुंचेगा। हवा का रुख ऐसा है कि इससे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के शहर तबाह हो सकते हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, 'क्या आपको यूक्रेन के जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हुई लड़ाई पर पश्चिमी देशों का आक्रोश याद है? इजरायल और अमेरिका ने हमारे बुशहर संयंत्र पर चार बार बमबारी की है। रेडियोधर्मी विकिरण से तेहरान नहीं, बल्कि खाड़ी देशों में तबाही होगी। हमारे पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले भी वास्तविक उद्देश्यों को दर्शाते हैं।'
आपको बता दें कि ईरान के दक्षिण-पश्चिम स्थित बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या बम) का गिरा, जिसके चलते इलाका थर्रा गया और एक शख्स की मौत हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि न्यूक्लियर प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उधर, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इसको लेकर चिंता जताई।
ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर बढ़ते हमले के खतरे को लेकर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने हमले को 'दुष्टतापूर्ण कृत्य' करार दिया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'हम इस कृत्य की सख्ती से निंदा करते हैं, जिससे जानमाल का नुकसान हुआ है।'
उधर, रूस ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट बढ़ते हमले के खतरे को देखते हुए अपने कर्मियों की निकासी तेज कर दी है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी 'रोसाटॉम' ने चेतावनी दी है कि हालात परमाणु दुर्घटना का जोखिम बढ़ा रहे हैं। जखारोवा ने जोर देकर कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों, विशेषकर खासकर बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिका और इजरायल के हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस दिशा में कदम उठाने की अपील की।
खास बात यह है कि अब तक न तो अमेरिका और न ही इजरायली सेना ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूक्लियर पावर प्लांट को गंभीर नुकसान पहुंचता है तो इसके दूरगामी पर्यावरणीय और मानवीय परिणाम होंगे। इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।
Updated on:
04 Apr 2026 08:41 pm
Published on:
04 Apr 2026 08:31 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
