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Middle East Tensions: अमेरिका-ईरान के बीच पर्दे के पीछे तेज कूटनीतिक हलचल, क्या टल जाएगा बड़ा संघर्ष?

US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व तनाव के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। संभावित समझौते की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
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May 22, 2026
Donald Trump and Mojtaba Khamenei
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनई (Photo-IANS)

US-Iran Indirect Negotiations: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक गतिविधि देखने को मिल रही है। ईरान की समाचार एजेंसी ISNA की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार करने के लिए अप्रत्यक्ष बातचीत में लगे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्ष इस समय संदेशों और प्रारंभिक समझौता मसौदों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। एक ईरानी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि वार्ताकार एक साझा समझ के 'बेहद करीब' पहुंच चुके हैं।

तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता प्रयास तेज

इस संभावित समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मोहसिन नकवी इस समय ईरान में हैं, जहां वे होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभी यह निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों पक्ष किसी अंतिम समझौते तक पहुंच पाएंगे।

इजरायल संघर्ष में अमेरिका की मिसाइल आपूर्ति पर दबाव

इस वार्ता के बीच ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान से जुड़े संघर्ष और इजरायल की रक्षा के दौरान अमेरिका ने अपने उन्नत मिसाइल इंटरसेप्टर भंडार का एक बड़ा हिस्सा उपयोग कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने थाड (THAAD) प्रणाली के 200 से अधिक इंटरसेप्टर और नौसैनिक जहाजों से 100 से अधिक SM-3 और SM-6 मिसाइलें दागी हैं। इसके मुकाबले, इजरायल ने अपने एरो इंटरसेप्टर की 100 से कम और डेविड्स स्लिंग प्रणाली की लगभग 90 मिसाइलों का उपयोग किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस व्यापक उपयोग के चलते अमेरिकी रक्षा भंडार में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे पेंटागन की आपूर्ति क्षमता और दीर्घकालिक रणनीतिक तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर सख्त बयान

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को किसी भी स्थिति में अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने कहा कि अमेरिका इस सामग्री को अपने नियंत्रण में लेकर नष्ट कर सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यह संघर्ष जल्द समाप्त होगा और इसके बाद वैश्विक ईंधन कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है।

Updated on:
22 May 2026 06:32 am
Published on:
22 May 2026 06:32 am