US Iran Peace Talks in Islamabad: सीजफायर खत्म होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में नई वार्ता की तैयारी, बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज, यहां पढ़ें पूरी अपडेट।
US-Iran Talks in Islamabad: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच 14 दिन का सीजफायर बुधवार (22 अप्रैल) को खत्म होने जा रहा है। इसी बीच खबर है कि दोनों देश एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत के लिए लौट सकते हैं। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्षों के शीर्ष प्रतिनिधियों के संभावित दौरे से कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
AP की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस शेड्यूल की आधिकारिक पुष्टि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से नहीं की गई है। इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को भी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था।
अमेरिका और ईरान के बीच लागू 14 दिन का युद्धविराम अब अपने अंतिम चरण में है। इसके खत्म होने के साथ ही क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में प्रस्तावित वार्ता को टकराव टालने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ईरान ने साफ किया है कि वह दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ ने कहा, “हम धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करते हैं।” उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत को समर्पण की मेज में बदलने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के कई बार उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “ईरान ने कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।” इन आरोपों के बीच दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है।
इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो सकती है। इससे पहले भी पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश की थी।हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने फिलहाल किसी भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान पहुंचने की खबरों से इनकार किया है।
तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच भी कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के संकेत यह दिखाते हैं कि दोनों पक्ष समाधान की दिशा में प्रयासरत हैं। हालांकि, पिछली वार्ता के नतीजों को देखते हुए इस बार भी अनिश्चितता बनी हुई है।
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