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अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच जर्मनी की एंट्री, ईरानी नागरिकों के लिए बताया सबसे बेस्ट ऑप्शन

Germany urges Iran to join US-Islamabad Talks: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जर्मनी ने ईरान से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने की अपील की है। जानें जर्मन विदेश मंत्री ने क्या कहा है?
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भारत

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Rahul Yadav

•

Updated: 21 Apr 2026, 4:35 PM IST

Germany urges Iran to join US-Islamabad Talks

Germany urges Iran to join US-Islamabad Talks (AI Image)

Germany Urges Iran for Talks: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी ने कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने ईरान से इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह अवसर ईरान को अपने नागरिकों के हित में जरूर अपनाना चाहिए।

जर्मनी ने कहा, मौका गंवाना नहीं चाहिए

ब्रसेल्स में यूरोपीय विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए जोहान वाडेफुल (Johann Wadephul) ने कहा, “अमेरिका वार्ता के लिए तैयार है और उसका उपराष्ट्रपति इस्लामाबाद आने को भी इच्छुक है। ईरान को इस अवसर का रचनात्मक तरीके से उपयोग करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है जिससे क्षेत्र में तनाव कम किया जा सकता है।

इस्लामाबाद में संभावित वार्ता पर नजर

इस्लामाबाद में प्रस्तावित इस बैठक को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीदें जताई जा रही हैं। अगर यह वार्ता होती है तो यह अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यूरोपीय देश चाहते हैं कि दोनों पक्ष बातचीत के माध्यम से समाधान निकालें ताकि मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनी रहे।

ईरान को अपने नागरिकों के हित में निर्णय लेना चाहिए

जर्मन विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा, “ईरान इस वार्ता में शामिल होता है या फिर नहीं इसका निर्णय ईरान को करना है लेकिन हमें विश्वास है कि ईरानी नागरिकों के हित में वार्ता में शामिल होना बेहतर विकल्प रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है और किसी भी सैन्य टकराव से बचना चाहता है।

यूरोप की बढ़ती सक्रियता

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यूरोपीय देशों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जर्मनी की यह अपील इस बात का संकेत है कि यूरोप अब शांति स्थापित करने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाना चाहता है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच जर्मनी की यह पहल कूटनीतिक समाधान को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है और इस्लामाबाद में वार्ता का रास्ता खुलता है या नहीं।