
Donald Trump on US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करने की चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद सैन्य कार्रवाई को रोक दिया है। ट्रंप के अनुसार, यह फैसला ईरानी नेताओं और अन्य अहम देशों के साथ उच्च-स्तरीय समझौतों के बाद लिया गया, हालांकि डील फाइनल होने तक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। सोशल ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत ईरानी नेतृत्व के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है और उसे मंजूरी मिल गई है, मैंने, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर आज शाम ईरान के खिलाफ तय हमले और बमबारी को रद्द कर दिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर का समय और स्थान जल्द ही बताया जाएगा।
पश्चिम एशिया में ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर अमेरिकी हमलों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज एमटी जलवीर पर भी अमेरिकी नौसेना ने हमला किया है। हालांकि इस पर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं। उन्हें निकालने का काम जारी है। इस मामले में भारत ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा, जहाजों पर हो रहे हमले तत्काल बंद होने चाहिए।
पश्चिम एशिया के बदले घटनाक्रम के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए अभी भी खुला है। वहां सुरक्षित रास्ते बनाए गए हैं। जो जहाज ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, वे बिना किसी परेशान की आवाजाही कर सकते हैं।
उधर, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया गया तो पूरे इलाके में ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। आईआरजीसी ने कहा, या तो सभी देश तेल-गैस का कारोबार कर करेंगे या फिर कोई भी नहीं कर पाएगा। ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जल्द ही अमेरिका ईरान के तेल-गैस बाजार पर नियंत्रण स्थापित कर लेगा।