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Israel Palestine Conflict: इजरायल-फिलिस्तीन पर UN चीफ का बड़ा बयान, ‘दो-राष्ट्र समाधान के अलावा कोई रास्ता नहीं’

Gaza War: संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेताया है कि जमीन पर बदलती परिस्थितियां भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य की व्यवहारिकता को प्रभावित कर रही हैं। वेस्ट बैंक में E1 क्षेत्र की योजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता सामने आई है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 23, 2026

Israel Palestine Conflict

Israel Palestine Conflict गुटेरेस का सख्त संदेश, इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर दुनिया से एक्शन की मांग (फोटो सोर्स: ANI)

Antonio Guterres: मध्य पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने दो-राष्ट्र समाधान को लेकर बेहद स्पष्ट संदेश दिया है। Arab News की रिपोर्ट के अनुसार, उनका कहना है कि स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की बुनियाद लगातार कमजोर की जा रही है और समाधान के लिए उपलब्ध समय तेजी से कम हो रहा है। न्यूयॉर्क में फ्रांस और सऊदी अरब की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने बस्तियों के विस्तार, विस्थापन और गाजा की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई।

गुटेरेस ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर फ्रांस और सऊदी अरब की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कही। बैठक का केंद्र दो-राष्ट्र समाधान को आगे बढ़ाने के प्रयास रहे।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समाधान 1967 से पहले की सीमाओं, अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और पूर्व समझौतों पर आधारित होना चाहिए। उनके मुताबिक इसका लक्ष्य इजरायल और फिलिस्तीन के दो स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक देशों का शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व होना है।

Israel Palestine Conflict: बस्तियों का विस्तार बना बड़ा मुद्दा

गुटेरेस ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में इजरायली बस्तियों के विस्तार पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में बस्तियों को रोकने की अंतरराष्ट्रीय अपीलों के बावजूद गतिविधियां जारी हैं। उनके अनुसार इससे फिलिस्तीनी क्षेत्रों की भौगोलिक निरंतरता प्रभावित हो रही है।

सबसे ज्यादा ध्यान E1 क्षेत्र पर है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वहां प्रस्तावित बस्ती परियोजना वेस्ट बैंक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच संपर्क को प्रभावित कर सकती है। अगस्त 2026 में कई देशों ने भी इस योजना को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि इससे दो-राष्ट्र समाधान की संभावना कमजोर हो सकती है।

गुटेरेस ने घरों के विध्वंस, बेदखली, जमीन पर कब्जे और हिंसा का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियां फिलिस्तीनी परिवारों को अपने घर और जमीन छोड़ने के लिए मजबूर कर रही हैं, जिससे गंभीर मानवीय और राजनीतिक संकट पैदा हो रहा है।

गाजा के लिए सिर्फ वादे नहीं, जमीन पर बदलाव जरूरी

गाजा की स्थिति पर भी गुटेरेस ने कहा कि तबाही के बीच रह रहे लोगों के लिए बेहतर भविष्य की बातें तभी मायने रखेंगी, जब जमीन पर वास्तविक बदलाव दिखाई दे। उन्होंने गाजा से संबंधित शांति योजना को पूरी तरह लागू करने की जरूरत बताई।

उन्होंने सरकारों से बस्ती विस्तार रोकने, फिलिस्तीनी संस्थानों को मजबूत करने, उनके आर्थिक आधार को टिकाऊ बनाने और कब्जे को समाप्त करने वाली विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

गुटेरेस ने यह भी कहा कि गाजा और वेस्ट बैंक, जिसमें पूर्वी यरुशलम भी शामिल है, भविष्य में एक वैध और संप्रभु फिलिस्तीनी सरकार के अधीन राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय रूप से जुड़े रहने चाहिए।