
Iran USA War: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर पूरी तरह से खत्म हो चुका है और दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की सरकार ने अपने ही देश के करीब 52,000 प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से मार डाला है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान पर अमेरिका के हमले लगातार जारी रहेंगे।
ट्रंप ने यह भी बताया कि दो दिन पहले ईरान के साथ एक समझौता लगभग तय हो गया था, लेकिन आखिरी वक्त पर तेहरान ने कहा कि इस पर फिर से बातचीत करनी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले 47 सालों से यही करता आया है, मगर इस बार बातचीत का तरीका पहले जैसा नहीं है। ट्रंप ने ईरान पर 52 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप भी दोहराया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि यह नाकाबंदी 14 जुलाई शाम 4 बजे (अमेरिकी समय) से लागू हो जाएगी। इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून के बीच भी ऐसी नाकाबंदी लगाई गई थी, जिसमें 140 से ज्यादा जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया और 9 जहाजों को निष्क्रिय किया गया था, जबकि मानवीय सहायता ले जा रहे 50 से ज्यादा जहाजों को गुजरने दिया गया।
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों पर हमले किए। सेंटकॉम ने साफ किया कि इन हमलों का मकसद ईरानी सेना पर दबाव बनाना और नागरिक व व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। ट्रंप ने पहले ही कहा था कि नाकाबंदी की सुरक्षा के बदले जहाजों से 20 फीसदी शुल्क वसूला जाएगा।