
US Iran Peace Deal: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संसद में घोषणा की है कि पाकिस्तान स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते के हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा। शहबाज शरीफ ने इसे केवल दो देशों के बीच का समझौता नहीं, बल्कि शांति, संवाद और कूटनीति की बड़ी सफलता बताया है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते तक पहुंचने की प्रक्रिया में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन गया था और पूरी दुनिया इसके प्रभावों का सामना कर रही थी।
शहबाज शरीफ ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस ऐतिहासिक समझौते के हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा।
उन्होंने इसे शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि कई प्रयासों और लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान ने सैन्य कार्रवाई को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।
शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान ने 107 दिनों तक चले युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया था और इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान दोनों देशों के नेतृत्व ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी का परिचय दिया, जिसके बाद समझौते का रास्ता तैयार हुआ।
संसद में अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुनीर ने युद्ध की आग को बुझाने और शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के मुताबिक, बातचीत के दौरान कई ऐसे मौके आए जब लगा कि पूरा प्रयास विफल हो सकता है, लेकिन आसिम मुनीर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने दावा किया कि उनके लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप युद्धविराम की घोषणा संभव हो सकी।
शहबाज शरीफ ने कहा कि यह दिन केवल पाकिस्तान में रहने वाले लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बसे पाकिस्तानियों के लिए भी गर्व का दिन है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस शांति समझौते से वैश्विक आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा और इसका लाभ पाकिस्तान तक भी पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि युद्ध के विनाशकारी प्रभावों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं रहा। ऐसे में शांति समझौता क्षेत्र और दुनिया दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।