
US Iran Strait of Hormuz Dispute: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नए सिरे से विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान किया है। वहीं अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है और यहां से जहाजों का आना-जाना सामान्य रूप से जारी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि शनिवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से 55 व्यापारिक जहाज गुजरे हैं। इन जहाजों के जरिए बड़ी मात्रा में सामान और 1.7 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाया गया है।
सेंटकॉम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में सुरक्षित आवाजाही बनी हुई है और अमेरिकी बल क्षेत्र में मौजूद रहकर हालात पर नजर रखे हुए हैं।
अमेरिकी बयान से करीब एक घंटे पहले ईरान की सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि देश के सैन्य कमान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला किया है।
ईरान का आरोप है कि लेबनान में इजरायल ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। साथ ही उसने अमेरिका पर भी युद्ध समाप्त करने के लिए हुए प्रारंभिक समझौते की पहली शर्त को लागू नहीं करने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि इन्हीं कारणों की वजह से यह कदम उठाया गया है।
एक तरफ ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की बात कह रहा है वहीं अमेरिका का दावा है कि वहां से जहाजों की आवाजाही लगातार जारी है और तेल की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
फिलहाल दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। यही वजह है कि इस मार्ग को लेकर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर असर डाल सकता है।