
Donald Trump Iran Warning: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़े सुरक्षा खतरों के पीछे ईरान का हाथ पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसी के साथ ट्रंप ने बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है। उन्होंने कहा कि वह ईरानी नेतृत्व के साथ सीधे संवाद के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने बताया कि ब्रिटेन से अमेरिकी बी-1 बॉम्बर हटाने का फैसला कुछ सुरक्षा खतरों के बाद लिया गया। इन विमानों को ब्रिटेन के RAF Fairford बेस से दूसरी जगह भेजा गया। ट्रंप ने साफ किया कि यह कदम किसी गलती का नतीजा नहीं था। अमेरिकी अधिकारियों को कुछ खतरे मिले थे। इसलिए विमानों की तैनाती में बदलाव किया गया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुश्मन को अपने सैन्य ठिकानों के करीब आने का मौका नहीं देना चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान इन खतरों के पीछे पाया गया, तो अमेरिका कड़ा जवाब दे सकता है। ब्रिटेन में इस मामले की जांच भी चल रही है। अधिकारियों ने RAF Fairford के पास कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में ईरान से संभावित कनेक्शन की बात सामने आई है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और ईरान ने आरोपों से इनकार किया है।
ट्रंप ने एक तरफ ईरान को कड़ी चेतावनी दी। दूसरी तरफ उन्होंने बातचीत की संभावना भी खत्म नहीं की। उनसे जब सीधे पूछा गया कि क्या वह ईरानी नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। यानी अमेरिका का संदेश दोहरा है। एक तरफ सुरक्षा खतरों पर सख्ती। दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत का विकल्प।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी एजेंसियां उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा चुकी हैं, जिन्हें सुरक्षा खतरे से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने ईरान से संभावित संबंध की ओर इशारा किया। लेकिन इस मामले में कई जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने फ्लाईदुबई विमान से जुड़ी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने ईरान की संभावित भूमिका की ओर इशारा किया। हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई निर्णायक सबूत पेश नहीं किया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि उन्हें ईरान से सीधे जुड़ाव का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला है।
इस घटना में फ्लाईदुबई की एक उड़ान के कॉकपिट में सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने का आरोप लगा था। विमान को बाद में सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतारा गया। घटना की जांच कई देशों की एजेंसियां कर रही हैं। ट्रंप ने इस दौरान तेल और गैसोलीन की कीमतों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि ईंधन की कीमतें तेजी से नीचे जा रही हैं। उनका कहना है कि युद्ध खत्म होने के बाद इनमें और बड़ी गिरावट आ सकती है। साथ ही ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।