
अली अब्दुल्लाही (Photo - @ArabiyaNews)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध अभी भी खत्म नहीं हुआ है जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। हालांकि दोनों देशों के बीच हमले रुके हुए हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिकी सेना एक बार फिर ईरान पर हमले शुरू कर सकती है। ईरान ने कई मौकों पर कहा है कि वो बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेकेगा। इसी बीच ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही (Ali Abdollahi) ने एक चेतावनी जारी कर दी है।
अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ कोई भी नया युद्ध सभी को अपनी चपेट में ले लेगा। अब्दुल्लाही का मानना है कि ईरान के खिलाफ किसी भी नए युद्ध से स्थिति बेकाबू हो जाएगी और पूरा क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) इसकी चपेट में आ जाएगा।
अब्दुल्लाही ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के उन सभी सहयोगी देशों को चेताया जहाँ अमेरिकी सेनाएं तैनात हैं कि अमेरिकी सेना की लगातार मौजूदगी पूरे क्षेत्र में असुरक्षा और आर्थिक समस्याओं का मुख्य कारण है। अब्दुल्लाही ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अगर अमेरिका ने नया युद्ध छेड़ा, तो पूरे क्षेत्र और सभी लोगों को इसका असर झेलना पड़ेगा और युद्ध की लपटें सभी को अपनी चपेट में ले लेंगी।
अब्दुल्लाही ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के उस बयान को भी भ्रामक बताया, जिसमें कहा गया है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब सैन्य चरण में पहुंच गया है। ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा, "भेड़ की खाल में भेड़िये की भूमिका निभाने से बचें और ईरान की परमाणु सुविधाओं के बारे में आगे कोई भी बेबुनियाद टिप्पणी न करें।"
कुछ दिन पहले ही एंटरप्रेन्योर्स से एक मीटिंग के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने कहा, "ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से कभी मुंह नहीं मोड़ा, भले ही बातचीत के दौरान उस पर तीन बार हमले हुए हों। हमने अमेरिका से बातचीत से कभी परहेज नहीं किया और ईरान, अमेरिका से बातचीत की कोशिश जारी रखेगा। सरकार व्यापार क्षेत्र से जुड़े सभी मुद्दों और समस्याओं को हल करने की गंभीरता से कोशिश कर रही है।"
Updated on:
05 Oct 2026 04:07 pm
Published on:
05 Oct 2026 03:55 pm
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