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पाकिस्तान के इरादों पर अमरीका में होने लगा शक, जानिए क्यों नहीं आगे बढ़ रही ईरान-अमरीका वार्ता

US Iran conflict 2026: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभुता की मांग रखी, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया। वहीं पाकिस्तान पर ईरानी सैन्य विमानों को एयरबेस देने और अमेरिका के सामने दोहरी भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं।
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May 12, 2026
US-Iran Ceasefire Extension 2026
पाकिस्तान के इरादों पर अमरीका में होने लगा शक (AI Image)

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से युद्ध खत्म करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर ईरान ने 10 दिन बाद जवाब दिया, लेकिन तेहरान की शर्तों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्वीकार्य बता दिया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान ने युद्ध पूरी तरह खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता को औपचारिक मान्यता देने और सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग रखी है।

ट्रंप ने शर्तों को बताया कचरा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की इन मांगों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए इसे कचरा करार दिया। हालांकि दोनों देशों ने अब तक बातचीत की असली शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं।

10 हफ्तों से जारी संघर्ष के दौरान ईरान लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह दबाव में झुकने वाला नहीं है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बावजूद तेहरान खुद को मजबूत स्थिति में दिखा रहा है। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि लंबे संघर्ष से वह वॉशिंगटन पर ज्यादा दबाव बना सकता है और बड़े आर्थिक व राजनीतिक फायदे हासिल कर सकता है।

चीन को गारंटर बनने का दिया प्रस्ताव

इस बीच ईरान ने चीन को संभावित समझौते का गारंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्तर पर गारंटी मिलनी चाहिए।

पाकिस्तान की भूमिका पर उठे सवाल

वहीं पाकिस्तान की भूमिका पर अब अमेरिका में ही सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ पाकिस्तान खुद को ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उस पर दोहरी चाल चलने के आरोप लग रहे हैं।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के कई करीबी अधिकारियों को शक है कि पाकिस्तान अमेरिका की वास्तविक नाराजगी ईरान तक सही तरीके से नहीं पहुंचा रहा।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान, ईरान के रुख को अमेरिका के सामने वास्तविकता से ज्यादा नरम और सकारात्मक तरीके से पेश कर रहा है। इससे ट्रंप प्रशासन में पाकिस्तान की विश्वसनीयता को लेकर संदेह बढ़ गया है।

ईरानी सैन्य विमानों को एयरबेस पर खड़ा होने की दी अनुमति

इसी बीच CBS News की एक रिपोर्ट ने पाकिस्तान की भूमिका पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने चुपचाप ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर खड़ा होने की अनुमति दी थी, ताकि उन्हें संभावित अमेरिकी हमलों से बचाया जा सके।

दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से CBS ने बताया कि अप्रैल में ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के कुछ दिनों बाद, तेहरान ने कई विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस भेजे थे। इनमें ईरानी एयरफोर्स का RC-130 विमान भी शामिल था, जो खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान ने कुछ नागरिक विमान अफगानिस्तान में भी भेजे थे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वहां सैन्य विमान भी मौजूद थे या नहीं।

Updated on:
12 May 2026 12:12 pm
Published on:
12 May 2026 12:12 pm