US-Iran War: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी ऑयल टैंकर पर हमले का दावा किया है। IRGC ने इसे ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले का बदला बताया है।
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते लगातार तनाव बना हुआ है। इजरायल, अमेरिका और ईरान (Iran-US Israel War) के बीच शुरू हुए संघर्ष ने अब भयानक युद्ध का रूप ले लिया है और इस युद्ध के अंत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। इसी बीच अब खबर सामने आ रही है कि ईरानी सेना ने अमेरिकी ऑयल टैंकर पर हमला कर दिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में एक अमेरिकी ऑयल टैंकर को निशाना बनाकर हमला किया है। हालांकि इस हमले में कितने लोग हताहत हुए इसकी कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
IRGC ने ईरान के सरकारी टीवी पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। IRGC के मुताबिक यह हमला उन्होंने अपने युद्धपोत IRIS Dena पर हुए हमले का बदला लेने के लिए किया है। दावा किया जा रहा है कि टैंकर में हमले के बाद भारी ब्लास्ट हुआ और तेल समुंदर में फैल गया। बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत आईआरएस देना (IRIS Dena sunk) पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के टॉरपीडो से हमला कर दिया था। इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई थी। वहीं 32 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिन्हें इलाज के लिए गॉल (Galle) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वहां लापता लोगों की तलाश के लिए रैस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
गुरुवार को एक संदेश प्रसारित किया जिसमें ईरान के एक आयतुल्लाह, अब्दुल्लाह जावादी अमोली, ने इजराइलियों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खून बहाने की बात कही। यह संदेश उस समय आया है जब ईरान पर इजराइल और अमेरिका की संयुक्त हवाई हमलों की मुहिम चल रही है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान एक बड़े और कठिन दौर के सामने खड़ा है और ऐसे समय में देश की एकता और आपसी सहयोग को पूरी तरह बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि “ज़ायोनिस्टों का खून बहाया जाए और ट्रंप का खून बहाया जाए।” आगे उन्होंने कहा कि “समय के इमाम का संदेश है कि अत्याचारी अमेरिका के खिलाफ लड़ो, और उसका खून मेरे कंधों पर है।”