अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजरायल ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। इजरायल की धमकी के बाद तेहरान की चिंता बढ़ गई है।
US-Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी है। अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद वहां नए सुप्रीम लीडर को चुनने की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच इजरायल ने ईरान को खुली धमकी दी है। इजरायल की धमकी के बाद तेहरान की चिंता बढ़ गई है। इजरायल ने धमकी दी है कि वह ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी को निशाना बनाएगा।
इजरायल ने कहा- अयातुल्ला अली खामेनेई के खात्मे के बाद, ईरानी आतंकवादी शासन फिर से संगठित होने और एक नए सर्वोच्च नेता का चयन करने का प्रयास कर रहा है। इजरायल खामेनेई के उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति का पीछा करना जारी रखेगा। वहीं, इजरायली सुरक्षाबलों ने कहा है कि वह ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी और देश के अगले नेता के चयन में शामिल लोगों को निशाना बनाएंगे। इजरायल की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया है कि तेहरान नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति के करीब है।
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया जारी है। ईरान के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता का चुनाव 88 सदस्यीय विशेषज्ञ परिषद वोटिंग के माध्यम से करता है। इस विशेषज्ञ परिषद के पास ईरान की कई अहम जिम्मेदारियां होती हैं। जिनमें से अहम जिम्मेदारी सर्वोच्च नेता का चयन करना है। विशेषज्ञ परिषद सुप्रीम लीडर पद के उम्मीदवारों की धार्मिक, राजनीतिक एवं नेतृत्व संबंधी योग्यता का मूल्यांकन करती है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद के बाद ईरान की 88 सदस्यीय विशेषज्ञ परिषद ने सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
ईरान के अगले सर्वोच्च नेता को निशाना बनाने की धमकी देने से पहले अमेरिका-इजरायल ने शनिवार देर रात तेहरान के पास 5 ऑयल प्रोडक्ट्स यूनिट पर मिसाइल से हमला किया था। इस हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है। एक ईरानी अधिकारी ने सरकारी टेलीविजन पर इसकी जानकारी दी है। ईरान के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और इजराइल ने तेहरान और उसके आसपास स्थित 5 तेल सुविधाओं पर रात भर हमले किए, जिनमें 4 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। अमेरिका-इजरायल के हमले से ईरान को बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद का नुकसान हुआ है।
अमेरिका-इजरायल के हमले से ईरान की बुनियादी सुविधाओं को काफी नुकसान हुआ है और बड़ी जनहानि हुई है। बीते 28 फरवरी से शुरू हुए इस भीषण युद्ध ईरान में अब तक करीब 1,230 लोग मारे जा चुके हैं। इसके अलावा लेबनान में करीब 300 से अधिक लोगों की जान गई है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, इस युद्ध में उनके देश में 15 से अधिक लोगों की मौत हुई है।