
हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाज। (फाइल फोटो- ANI)
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और समुद्री इलाकों पर सख्ती बढ़ाते हुए पिछले 20 दिनों में पर्सियन गल्फ और हॉर्मुज स्ट्रेट में 48 जहाजों को अपना रास्ता बदलने को मजबूर कर दिया है।
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने खुद इस बात की जानकारी दी। उधर, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से लड़ाई खत्म होने का ऐलान किया है, पर इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
यूएस नेवी के जहाज यूएसएस न्यू ऑरलियंस (LPD-18) इन दिनों अरब सागर में तैनात है। CENTCOM ने 28 अप्रैल की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर सख्ती से ब्लॉकेड लागू कर रहा है। इसमें साफ कहा गया कि 20 दिनों में 48 जहाजों को रेडियो पर संदेश भेजकर वापस लौटाया गया।
उधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को संसद में एक औपचारिक पत्र लिखकर बताया कि फरवरी 28, 2026 को शुरू हुई 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अब खत्म हो गई है।
उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल से दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया। अब दोनों तरफ से कोई गोलीबारी नहीं हो रही।
ट्रंप ने लिखा- 'अमेरिकी बलों और ईरान के बीच दुश्मनी समाप्त हो गई है।' लेकिन इसी बीच उनकी नेवी खाड़ी में सक्रिय देखी गई है, जो ईरानी जहाजों व माल ढुलाई पर नजर रख रही है।
इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका ब्लॉकेड पूरे हॉर्मुज पर नहीं, बल्कि सिर्फ ईरानी बंदरगाहों और तटवर्ती इलाकों पर लागू है। इसका मकसद ईरान से जुड़े शिपिंग को कड़ी निगरानी में रखना है।
ईरान पर लगाए गए इन प्रतिबंधों और नौसैनिक गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल खाड़ी के रास्ते गुजरता है। कई जहाजों को अब वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन भले ही युद्ध खत्म होने का दावा कर रहा हो, लेकिन ग्राउंड पर नेवी की सक्रियता दिखाती है कि ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अभी जारी है।
Published on:
02 May 2026 10:29 pm
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